
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने देश में लोकतंत्र और नागरिकों के अधिकारों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि देश में जिस तरह की घटनाएं हो रही हैं, वे दुर्भाग्यपूर्ण हैं। लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने और विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है। किसी की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
सीएम डीके शिवकुमार ने कहा कि विरोध करना हर नागरिक का अधिकार है और वे किसी को भी अपनी आवाज उठाने से रोकना नहीं चाहते। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस अपने स्तर पर इस मुद्दे को उठाएगी, वहीं विपक्षी गठबंधन के कुछ सहयोगी दल भी इसमें शामिल हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कहा कि कांग्रेस के विधायक सोमवार को दिल्ली में मौजूद रहेंगे और वे खुद भी दिल्ली जाएंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करेगी।
शिवकुमार के मुताबिक, देश के हर मतदाता को अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने का अधिकार मिलना चाहिए। यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि प्रत्येक मतदाता के अधिकार सुरक्षित रहें और कोई भी उनके अधिकारों का हनन न कर सके।
डीके शिवकुमार ने कहा कि लोकतंत्र में लोगों को अपनी आवाज उठाने से रोकना उचित नहीं है। उन्होंने मौजूदा घटनाक्रम पर चिंता जताते हुए प्रधानमंत्री से सवाल किया कि देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था कायम है या आपातकाल जैसी स्थिति है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी अपने स्तर पर इस मुद्दे पर आगे बढ़ेगी और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए लड़ाई जारी रखेगी।
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (DSGMC) के अध्यक्ष ने कहा कि यह देखकर बेहद दुख होता है कि गुरुद्वारा बंगला साहिब को राजनीतिक अखाड़ा बनाने की कोशिश की जा रही है। यह एक पवित्र धार्मिक स्थल है, जहां लोग प्रार्थना करने और अपने दुख-दर्द से राहत पाने के लिए आते हैं। इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों ने यहां प्रवेश किया और प्रदर्शन करने की कोशिश की, जिससे सिख समुदाय की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है।
गुरुद्वारे के अंदर प्रार्थना की जा सकती है, लेकिन यहां विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं है। गुरुद्वारे परिसर में पुलिसकर्मियों को घूमते देखना सिख समुदाय के लोगों के दिलों को ठेस पहुंचाता है। पुलिसकर्मियों का वर्दी में गुरुद्वारे परिसर से गुजरना बिल्कुल अस्वीकार्य है, क्योंकि यह कोई सार्वजनिक रास्ता नहीं है।