मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात की। इस बीच, कैबिनेट फेरबदल और सीएम बदलाव की अटकलें तेज हो गईं हैं।
कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार है। इस दिनों राज्य की कैबिनेट में फेरबदल और मुख्यमंत्री बदलने को लेकर अटकलें तेज हैं। इस बीच, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शनिवार देर शाम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से उनके घर पर मुलाकात की।
दोनों ने आमने-सामने बातचीत की। अब ऐसा माना जा रहा है कि खरगे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को नतीजे के बारे में बता सकते हैं, ताकि आखिरी फैसला लिया जा सके।
सूत्रों के मुताबिक, विदेश में मौजूद राहुल 28 नवंबर के बाद दिल्ली लौटेंगे। लीडरशिप में बदलाव या कैबिनेट में फेरबदल पर जल्द कोई फैसला होने की उम्मीद नहीं है।
उधर, सिद्धारमैया भी बार-बार पब्लिक मीटिंग में यह कह रहे हैं कि वह पांच साल तक सीएम बने रहेंगे और अगला बजट पेश करेंगे। वह खरगे से मिलने के बाद नरम दिखे।
खरगे से मिलने के बाद मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा- मुख्यमंत्री बदलना हो या कैबिनेट फेरबदल का मामला हो, इस पर आखिरकार हाईकमान ही फैसला करेगा। चाहे विधायक हों, मंत्री हों, मैं या डीके शिवकुमार, हमें इसका पालन करना चाहिए।
दरअसल, कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के समर्थक अब उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं।
इसको लेकर कई बार बैठकें हुईं, लेकिन सिद्धारमैया अपना पद छोड़ने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने साफ कह दिया है कि वह अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे।
एक सवाल के जवाब में सिद्धारमैया ने कहा- जब भी हाईकमान बुलाएगा, मैं दिल्ली जाऊंगा। हालांकि, उन्होंने खरगे के साथ डेढ़ घंटे से ज्यादा चली चर्चा के दौरान लीडरशिप में बदलाव और कैबिनेट फेरबदल के सवालों को खारिज कर दिया।
उन्होंने कहा- यह एक शिष्टाचार मुलाकात थी, जिसमें हमने आने वाले कुछ चुनावों के लिए पार्टी को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।
बता दें कि भले ही कर्नाटक में कांग्रेस नेताओं ने अब तक खुलकर कुछ नहीं बताया है, लेकिन कुछ ऐसे संकेत मिले हैं, जिनसे साफ है कि मुख्यमंत्री पद पर डीके शिवकुमार को बैठाने के लिए कांग्रेस के अंदर कलह चल रही है।
सूत्रों के मुताबिक, सिद्धारमैया को यह भी जानकारी मिली है कि शिवकुमार के पक्ष में जितने भी विधायक हैं, उनके सिग्नेचर इकट्ठा किए जा रहे हैं, जिसे खरगे के सामने प्रस्तुत किया सकता है।
इस बीच, यह भी कयास लगाया जा रहा है कि सिद्धारमैया ने खड़गे से शिवकुमार को यह सलाह देने के लिए कहा हो कि इस तरह के कदम से पार्टी और सरकार में दरार पैदा होगी।
एक सवाल के जवाब में सिद्धारमैया ने कहा- मुझे विधायकों से उनके कदमों के बारे में जानकारी इकट्ठा करने की जरूरत नहीं है क्योंकि मेरे पास इंटेलिजेंस है। इस बीच, यह भी जानकारी सामने आई है कि शिवकुमार आज यानी कि रविवार को खड़गे से मिल सकते हैं।