Karnataka Congress leadership tussle: कर्नाटक कांग्रेस में मुख्यमंत्री के बाद मंत्री पद के लिए भी हलचल तेज है। सीएम सिद्धारमैया के करीबी मंत्री आरबी तिम्मापुर ने कहा- पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र है, मंत्री बनना गलत नहीं।
कर्नाटक में मंत्री बनने को लेकर कांग्रेस विधायकों के बीच सियासी घमासान मचा है। इस बीच, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के करीबी और राज्य के उत्पाद शुल्क मंत्री आरबी तिम्मापुर ने बड़ा बयान दिया है।
उन्होंने साफ कहा कि पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र है, इसलिए विधायकों का अपनी बात रखना गलत नहीं है। मंत्री तिम्मापुर ने बागलकोट में पत्रकारों से बात करते हुए कहा- विधायक अपनी आकांक्षा जाहिर करते हैं, इसमें कुछ गलत नहीं है। मंत्री बनना चाहना अपराध नहीं है। हाईकमान सब बातों को ध्यान में रखकर फैसला लेगा।
कुछ कांग्रेस विधायकों ने हाल ही में कहा था कि अगर उन्हें मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली तो वे दिल्ली हाईकमान के पास जाएंगे। इस पर तिम्मापुर ने नरम रुख दिखाया।
मंत्री ने बीजेपी के आरोपों का भी जवाब दिया। बीजेपी ने कलबुरगी के लाडले मशाक दरगाह मामले में कांग्रेस सरकार पर मुकदमे वापस लेने का आरोप लगाया था और इसे 'मुस्लिम तुष्टिकरण' बताया था।
तिम्मापुर ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा- हमने पहले किसानों के खिलाफ मुकदमे भी वापस लिए थे। क्या वो भी सांप्रदायिक था? आठ-नौ किसानों के केस वापस लिए, उसमें जाति-धर्म कहां आया?
उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाया कि पार्टी समाज को धर्म के नाम पर बांट रही है। उन्होंने कहा- कांग्रेस सब जाति-धर्म के लोगों को साथ लेकर चलती है। बीजेपी लोगों को बांटने का काम कर रही है।
तिम्मापुर ने कहा कि बीजेपी के नेता देश की आजादी की लड़ाई में शामिल नहीं थे। उन्होंने कहा- वे सुबह उठते हैं और सिर्फ धर्म के नाम पर बोलते हैं। न धर्म का सम्मान है, न देश से प्यार।
वहीं, मंत्री ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने डॉलर की बढ़ती कीमत, पेट्रोल-डीजल और एलपीजी सिलेंडर के महंगे होने पर चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय संबंध सुधारने और कीमतें नियंत्रित करने की बजाय लोगों को कहा जा रहा है कि पेट्रोल महंगा है तो घूमना बंद कर दो, सिलेंडर महंगा है तो खाना बनाना बंद कर दो। प्रधानमंत्री ऐसा बोलें तो जनता क्या सोचेगी?
तिम्मापुर का बयान इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि वे मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के करीबी माने जाते हैं। कांग्रेस में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर लंबे समय से अटकलें चल रही हैं। कई विधायक अपनी दावेदारी पेश कर चुके हैं।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, हाईकमान इस बार योग्यता, वफादारी और क्षेत्रीय संतुलन के आधार पर फैसला कर सकता है। कुल मिलाकर, कर्नाटक कांग्रेस में मुख्यमंत्री को लेकर गतिविधियां तेज हैं।