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Petrol Diesel Price Hike: पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम को लेकर देशभर में सियासी बवाल मचा हुआ है। पिछले एक हफ्ते में तीसरी बार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ें हैं। शनिवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी की गई है। पेट्रोल 87 पैसा और डीजल 91 पैसे लीटर महंगा हो गया है। इसके अलावा CNG के कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है। इन बढ़ते दामों पर लगातार राजनीतिक प्रतिक्रिया आ रही है। विपक्ष सरकार की नाकामी बता रहा है तो सरकार और बीजेपी नेता वैश्विक संकट को इसका कारण बता रहे हैं।
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी पर आम आदमी पार्टी के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था कई मायनों में इसलिए गिर रही है, क्योंकि सरकार पिछले 10 सालों में AI और सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के लिए जो काम उसे करना चाहिए था, वह करने में नाकाम रही। अब, इसी वजह से रुपये की कीमत गिर रही है। पेट्रोल, डीजल और दूसरी जरूरी चीजें सब महंगी होती जा रही हैं। सौरभ भारद्वाज ने आगे जोड़ा कि सरकार को जनता में भरोसा जगाने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है। लेकिन अगर सरकार सिर्फ मीठी-मीठी बातें कर रही है, तो सरकार को गंभीर होने की जरूरत है।
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी पर कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने कहा कि यह देश की जनता के लिए सबसे बड़ा झटका है, क्योंकि जब पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ती हैं तो महंगाई हर चीज में घुस जाती है। यह जनता के लिए बहुत नुकसानदायक है। सरकार पर हमला बोलते हुए राजीव शुक्ला ने कहा कि गलत विदेश नीति के कारण आज पेट्रोल-डीजल की कीमतें इतनी ज्यादा बढ़ रही हैं। अब तक 5 रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है, और यह पता नहीं कि आगे प्रति लीटर कितने रुपये और बढ़ेंगी।
सीपीआई(एम) के सांसद एलामराम करीम ने कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी इस देश की जनता के लिए एक बड़ा झटका है। विशेष रूप से, इसका असर स्वरोजगार करने वाले ऑटो चालकों, टैक्सी चालकों और मोटर परिवहन कर्मचारियों पर पड़ता है। कर्मचारी सड़कों पर उतरकर जोरदार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने आगे जोड़ा कि हम पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी की नई घोषणा का कड़ा विरोध करते हैं।
डीजल और पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी पर पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि वैश्विक आर्थिक स्थिति का अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ रहा है। डीजल और पेट्रोल की कीमतें सालों से बढ़ रही हैं। सरकार ने ईंधन की कीमतों पर सब्सिडी दी है। हालांकि, तेल कंपनियों ने एक सीमा पार कर ली है और उन्हें भारी नुकसान हो रहा है, जिसके चलते सरकार को कीमतें बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ा है। आम लोगों को भी तालमेल बिठाना चाहिए और अपने खर्चों में कटौती करनी चाहिए।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन मुद्दों को जितना हो सका और जब तक हो सका, नियंत्रित किया है। आज भी, हम स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। मेरा मानना है कि यह एक अस्थायी दौर है। यदि इजराइल, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा संकट जल्द ही किसी समझौते पर पहुंच जाता है, तो मेरा मानना है कि स्थिति जल्द ही सामान्य हो जाएगी। लेकिन सरकार ये फैसले तभी ले रही है जब परिस्थितियां एक निश्चित सीमा को पार कर जाती हैं, और केवल तभी ऐसे फैसले लिए जा रहे हैं।
Updated on:
23 May 2026 05:55 pm
Published on:
23 May 2026 05:50 pm
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