कर्नाटक में कमर्शियल एलपीजी की भारी कमी से होटल बंद हो रहे हैं और आम लोगों को भोजन नहीं मिल रहा। कांग्रेस एमएलसी इवान डिसूजा (Ivan D'Souza) ने विधान परिषद के सामने यह मुद्दा उठाते हुए स्थिति में सुधार की मांग की है।
कर्नाटक में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कमी अब गंभीर संकट का रूप लेती जा रही है। इसका असर आम जनता से लेकर जनप्रतिनिधियों तक देखने को मिल रहा है। इसी बीच कांग्रेस एमएलसी इवान डिसूजा (Congress MLC Ivan D'Souza) ने विधान परिषद में बड़ा मुद्दा उठाते हुए बताया कि हालात इतने खराब हैं कि बेंगलुरु स्थित विधायक आवास में भी इडली, डोसा जैसे नाश्ते उपलब्ध नहीं हैं।
कर्नाटक में कमर्शियल गैस की कमी के कारण होटल उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुआ है। डिसूजा के अनुसार राज्य के करीब 50 प्रतिशत होटल बंद हो चुके हैं। इससे आम लोगों को सुबह का नाश्ता तक नहीं मिल पा रहा है। खासतौर पर छोटे और मध्यम स्तर के होटल सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं, क्योंकि वे सीमित संसाधनों पर निर्भर रहते हैं। बेंगलुरु जैसे बड़े शहर में भी हालात चिंताजनक हैं, जहां हजारों होटल गैस की कमी से जूझ रहे हैं। इससे रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ रहा है।
सरकार द्वारा संचालित इंदिरा कैंटीन जैसी योजनाएं भी इस संकट से अछूती नहीं हैं। इंदिरा कैंटीन में सस्ती दरों पर मिलने वाला भोजन अब नियमित रूप से उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। कई कैंटीन अस्थायी रूप से बंद हो चुकी हैं। इस पर डिसूजा ने सरकार से मांग की है कि वह होटल मालिकों और संबंधित पक्षों के साथ बैठक कर जमीनी स्थिति को समझे। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री के.एच. मुनियप्पा ( K.H. Muniyappa ) ने स्वीकार किया कि सप्लाई सीमित है और सरकार इसे संतुलित करने की कोशिश कर रही है।
बेंगलुरु होटल ओनर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों का कहना है कि अन्य राज्यों में ऐसी स्थिति नहीं है। महाराष्ट्र, तमिलनाडू और उत्तर प्रदेश में 50 से 60 प्रतिशत तक गैस सप्लाई जारी है, जिससे होटल बंद नहीं हुए हैं। एसोसिएशन के अनुसार बेंगलुरु में करीब 35 हजार होटल हैं, लेकिन सप्लाई बेहद कम है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब दूसरे राज्यों में सप्लाई जारी है, तो कर्नाटक में इतनी कमी क्यों है। अब इस मामले में सरकार और उद्योग के बीच बातचीत की उम्मीद जताई जा रही है, ताकि जल्द समाधान निकल सके।