
Priyank Kharge Latest News: कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गेने केंद्र सरकार और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र, सीबीआई, आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय (ED) जैसी केंद्रीय एजेंसियों के जरिए कर्नाटक की कांग्रेस सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने भाजपा पर कांग्रेस नेताओं, विधायकों और मंत्रियों को स्टिंग ऑपरेशन के जरिए निशाना बनाने की रणनीति अपनाने का भी आरोप लगाया। प्रियांक खड़गे ने कहा कि इस तरह की रणनीति भाजपा की ‘स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर’ का हिस्सा है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार कर्नाटक की कांग्रेस सरकार को हटाने के लिए बेताब है, क्योंकि राज्य में भाजपा का नेतृत्व उनके मुताबिक प्रभावी नहीं है।
मंत्रियों और कांग्रेस नेताओं को स्टिंग ऑपरेशन के जरिए निशाना बनाए जाने की आशंका को लेकर सवाल पूछे जाने पर प्रियांक खड़गे ने कहा कि भाजपा सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रही है।
यह मुद्दा मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की कैबिनेट बैठक में जताई गई आशंका के बाद सामने आया। शिवकुमार ने कथित तौर पर आशंका जताई थी कि भाजपा और जेडी(एस) के नेता मंत्रियों को निशाना बनाकर उनके खिलाफ स्टिंग ऑपरेशन कर सकते हैं।
बेंगलुरु में मीडिया से बातचीत के दौरान प्रियांक खड़गे ने आरोप लगाया कि भाजपा ने मध्य प्रदेश, असम, महाराष्ट्र और गोवा में भी इसी तरह की रणनीति अपनाई है। हालांकि, उन्होंने कहा कि न तो वह और न ही उनके सहयोगी किसी गलत काम में शामिल हैं। खड़गे ने स्पष्ट किया कि उन्हें किसी भी ऐसी गतिविधि में शामिल होने का डर नहीं है।
प्रियांक खड़गे ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और Form-7 आवेदनों के कथित दुरुपयोग को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस मामले में जवाबदेही की मांग सिर्फ कांग्रेस की नहीं है, बल्कि देशभर के लोगों की चिंता का विषय है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के कुछ नेता कथित तौर पर फर्जी Form-7 आवेदन दाखिल कर रहे हैं और जीवित लोगों को मृत बताकर उनके नाम मतदाता सूची से हटाने की मांग कर रहे हैं।
खड़गे के मुताबिक, कुछ लोगों ने अधिकारियों से संपर्क कर अपने जीवित होने की पुष्टि भी की है। उन्होंने ऐसे मामलों में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
कर्नाटक के गृह मंत्री ने भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष को कथित तौर पर विस्थापन नोटिस दिए जाने की खबरों का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि SIR की प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक नेताओं और जनप्रतिनिधियों के बीच भी चिंता है। खड़गे ने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया का इस्तेमाल केंद्र में सत्तारूढ़ दल को राजनीतिक लाभ पहुंचाने के लिए किया जा रहा है।
प्रियांक खड़गे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी दोहराई। उन्होंने सवाल उठाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त मीडिया के सामने आकर SIR से जुड़े सवालों का जवाब क्यों नहीं दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार पहले कांग्रेस की आलोचना को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुके हैं, इसलिए अब उन्हें चुनावी पुनरीक्षण प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर भी स्पष्टीकरण देना चाहिए।
खड़गे ने Form-7 आवेदन की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि मतदाता का नाम, EPIC नंबर, पता और मतदाता का नाम हटाने का प्रस्तावित कारण जैसी जानकारी वाले पहले से तैयार फॉर्म देशभर में कैसे उपलब्ध हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि Form-7 दाखिल करने वाले आवेदक को यह घोषणा करनी होती है कि दी गई जानकारी सही है। खड़गे ने दावा किया कि गलत घोषणा पाए जाने पर एक वर्ष तक की सजा या जुर्माने का प्रावधान है।
इसी आधार पर उन्होंने मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए कथित तौर पर गलत जानकारी देने वालों की जवाबदेही तय करने की मांग की।
भाजपा की ओर से कांग्रेस पर गलत सूचना फैलाने के आरोपों पर भी प्रियांक खड़गे ने पलटवार किया। उन्होंने सवाल किया कि भाजपा चुनाव आयोग को खुद अपना पक्ष रखने का मौका देने के बजाय उसका बचाव क्यों कर रही है।
उन्होंने कहा कि SIR और मतदाता सूची से जुड़े सवालों का जवाब चुनाव आयोग को देना चाहिए और पूरी प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता होनी चाहिए।