कर्नाटकः राज्य शिक्षा विभाग ने जनवरी 2026 में सभी स्कूलों में 10 तक के छात्रों के लिए वॉटर बेल की पहल संबंधी सर्कुलर जारी किया था।
देश में बढ़ती गर्मी और बच्चों में निर्जलीकरण की समस्या को देखते हुए कर्नाटक की कई स्कूलों में वॉटर बेल (पानी पीने की घंटी) की पहल की गई हैं। इस पहल से कर्नाटक देश में राष्ट्रीय मॉडल बन चुका है, जहां बच्चों को पानी पीने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। दो घंटे के निश्चित अंतराल में घंटी बजाकर बच्चों को पानी पीने के लिए याद दिलाई जा रही है।
राज्य शिक्षा विभाग ने जनवरी 2026 में सभी स्कूलों में दसवीं तक के विद्यार्थियों के लिए इस पहल को लागू करने का सर्कुलर जारी किया था। इसकी पालना में राज्य की कई स्कूलों में वाटर बेल व्यवसथा शुरू की गई हैं। राज्य के धारवाड़ जिले के कलघटगी तहसील के चलमट्टी सरकारी उच्च प्राथमिक स्कूल में 26 जनवरी से हर दो घंटे में वॉटर बेल बजाई जा रही है।
घंटी बजते ही सभी बच्चों को पानी पीने के लिए प्रेरित होते हैं। लॉयंस क्लब सहित सहयोगी संस्थाओं की ओर से कुछ स्कूलों में बच्चों को पानी की बोतलें नि:शुल्क भी दी जा रही है। ताकि बच्चे पानी पीने के लिए प्रेरित हो सके।
कर्नाटक राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (KSCPCR) के अध्यक्ष शशिधर कोसंबे के मुताबिक, राज्य के कई स्कूलों का दौरा करने पर मैंने पाया कि छात्र कई कारणों से कम पानी पी रहे थे। वहां के शिक्षकों से चर्चा करने के बाद मैंने शिक्षा और प्रधानमंत्री पोषण विभाग को पत्र लिखकर स्कूलों में पानी की घंटी लगाने का अनुरोध किया ताकि बच्चों को पानी पीने की याद दिलाई जा सके।