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‘बेटी की मौत के पीछे बड़ी साजिश’, हिप्पो अटैक में मारी गई डॉक्टर के परिवार ने चिड़ियाघर पर लगाए गंभीर आरोप

शिवमोग्गा के चिड़ियाघर में हिप्पो हमले में हुई डॉक्टर की मौत के बाद परिवार ने साजिश और लापरवाही के आरोप लगाए हैं। मृतका की व्हाट्सएप चैट से भी कई बड़े खुलासे हुए है।

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Mar 30, 2026
डॉक्टर समीक्षा रेड्डी (फोटो- Hate Detector एक्स पोस्ट)

कर्नाटक के शिवमोग्गा में एक हिप्पो अटैक के दौरान मारी गई डॉक्टर की मौत के मामले में कई चौकाने वाले खुलासे सामने आए है। यह घटना ट्यावरेकोप्पा टाइगर एंड लायन सफारी की है जहां 27 वर्षीय वेटरनरी डॉक्टर समीक्षा रेड्डी की मौत हुई थी। अब समीक्षा के परिवार ने इस मामले में बड़ी साजिश और प्रबंधन की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। इन आरोपों के बाद यह मामाल गंभीर हो गया है और इसकी गहन जांच शुरू हो गई है।

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20 मार्च को हिप्पो अटैक में हुई समीक्षा की मौत

बता दें कि समीक्षा की 20 मार्च को एक हिप्पो के हमले में मौत हो गई थी। यह घटना उस समय हुई जब वह सफारी परिसर के भीतर जानवर की जांच के लिए गई थीं। अब उनके व्हाट्सएप चैट सामने आए हैं, जिनमें उन्होंने पहले ही सफारी की खामियों और जानवरों की देखभाल से जुड़ी समस्याओं को उजागर किया था। परिवार का दावा है कि इस घटना में गंभीर सुरक्षा चूक हुई है। समीक्षा के चाचा राजशेखर ने सवाल उठाया कि बिना उचित अनुमति के जीप को हिप्पो के एन्क्लोजर में कैसे भेजा गया। उन्होंने यह भी पूछा कि एन्क्लोजर के गेट की चाबी किसके पास थी और किसने उसे खोला। इन सवालों ने पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर संदेह खड़ा कर दिया है।

समीक्षा के व्हाट्सएप चैट से हुए कई खुलासे

राजशेखर ने आरोप लगाया कि घटना के बाद कुछ कर्मचारियों का व्यवहार असंवेदनशील था, जो इस त्रासदी को और पीड़ादायक बनाता है। परिवार का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए और कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। सूत्रों के अनुसार, समीक्षा के व्हाट्सएप संदेशों में साफ तौर पर बुनियादी सुविधाओं की कमी, जानवरों के भोजन और स्वास्थ्य प्रबंधन में खामियां, और सुरक्षा इंतजामों की कमजोरी का जिक्र है। उन्होंने इन मुद्दों को सुधारने के लिए कई बार वरिष्ठ अधिकारियों को मैसेज और ईमेल भेजे थे।

सफारी प्रबंधन ने नहीं बरती सावधानी

परिवार का यह भी कहना है कि समीक्षा लगातार खराब कार्य परिस्थितियों के कारण मानसिक दबाव में थीं। सफारी परिसर में पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी भी सामने आई है, जो प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा करती है। समीक्षा के दूसरे चाचा नवीन रेड्डी ने बताया कि घटना वाले दिन उन्हें एक वाहन से सफारी ले जाया गया, जहां एक गार्ड उन्हें हिप्पो के पास जांच के लिए लेकर गया। उन्होंने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक प्रशिक्षु को इतने खतरनाक जानवर के पास भेजना बेहद जोखिम भरा था। उन्होंने यह भी बताया कि हिप्पो गर्भवती थी और एक सप्ताह में बच्चे को जन्म देने वाली थी, जिससे वह अधिक आक्रामक और संवेदनशील स्थिति में थी। ऐसे में अतिरिक्त सावधानी बरतनी जरूरी थी, जो नहीं बरती गई।

Published on:
30 Mar 2026 10:40 am
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