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IAS प्रशिक्षुओं को ओम बिरला की सीख, जनता का भरोसा सबसे बड़ी जिम्मेदारी

Om Birla to IAS trainees: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 2024 बैच के IAS प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए कहा कि लोक सेवा में जनता का भरोसा सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।अधिकारियों को ईमानदारी, जवाबदेही व सेवा भाव के साथ काम करना चाहिए।

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Om Birla addressing IAS trainees at Parliament.

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला। (Photo - IANS)

Om Birla: लोक सेवक बदलाव के वाहक होते हैं और उनके पास नागरिकों की आकांक्षाओं को ठोस नतीजों में बदलने की चाबी होती है। यह कहना है लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का। वह बुधवार को संसद परिसर में 2024 बैच के आइएएस प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शासन की सफलता अंततः इस बात पर निर्भर करती है कि जमीनी स्तर पर कानून और नीतियां कितनी प्रभावी ढंग से लागू की जाती हैं।

संसद लोगों की सर्वोच्च अभिव्यक्ति

संसद भवन में लोकसभा सचिवालय के 'संसदीय लोकतंत्र के लिए अनुसंधान और प्रशिक्षण संस्थान' (प्राइड) 'सहायक सचिव कार्यक्रम' के तहत प्रशिक्षु अधिकारियों के साथ बातचीत करते हुए बिरला ने कहा कि संसद केवल कानून बनाने का मंच नहीं है, बल्कि लोगों की आकांक्षाओं, अपेक्षाओं और चिंताओं की सर्वोच्च अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा कि संसद के साथ जुड़ाव भारतीय लोकतंत्र की कार्यप्रणाली, विधायी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक शासन को बनाए रखने वाली संस्थाओं को करीब से समझने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है।

बिरला ने प्रशिक्षु अधिकारियों को सलाह दी कि वे भारतीय प्रशासनिक सेवा को केवल एक पेशा न समझें, बल्कि संविधान, राष्ट्र और उसके लोगों के प्रति आजीवन प्रतिबद्धता के रूप में देखें। उन्होंने कहा, चुने हुए प्रतिनिधि लोगों की उम्मीदों को आवाज देते हैं, जबकि एडमिनिस्ट्रेटर नीतियों, कार्यक्रमों और बेहतर सर्विस डिलीवरी के जरिए उन उम्मीदों को हकीकत में बदलते हैं। जो अधिकारी सीधे जनता से जुड़ते हैं, उनकी शिकायतों को समझते हैं और स्थानीय भाषा में बातचीत करते हैं, वे जनता का भरोसा जीतने और सार्थक बदलाव लाने में कहीं ज्यादा बेहतर होते हैं।

सिविल सर्विस में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी की तारीफ

बिरला ने सिविल सर्विस में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और सफलता की भी तारीफ की और कहा कि उनका बढ़ता योगदान पूरे देश में गवर्नेंस को मजबूत बना रहा है। उन्होंने ईमानदारी, करुणा, जवाबदेही और जनसेवा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को हर सिविल सर्वेंट के लिए जरूरी गुण बताया। प्रशिक्षुओं से पारदर्शिता और ईमानदारी के उच्चतम मानकों को बनाए रखने का आग्रह करते हुए बिरला ने कहा कि भारत के लोग एक संस्था के तौर पर इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस पर बहुत भरोसा करते हैं। जिम्मेदारी और जवाबदेही अच्छे गवर्नेंस की नींव हैं और संसदीय प्रक्रियाएं इन दोनों के बारे में अहम सीख देती हैं।