
West Bengal Political Crisis (सोर्स-@kamaalrkhan)
West Bengal Political Crisis: पश्चिम बंगाल की राजनीति इन दिनों उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। तृणमूल कांग्रेस के भीतर कथित असंतोष और सांसदों की नाराजगी को लेकर कई तरह की चर्चाएं राजनीतिक गलियारों में सुनाई दे रही हैं। इसी बीच फिल्म क्रिटिक और अभिनेता कमाल आर खान (KRK) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर किए गए अपने पोस्ट्स से नई बहस छेड़ दी है।
अपने बेबाक बयानों के लिए चर्चा में रहने वाले KRK ने इस बार सीधे पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी को निशाने पर लिया है।
कमाल आर खान ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक के बाद एक कई पोस्ट साझा किए। इन पोस्ट्स में उन्होंने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस का राजनीतिक भविष्य संकट में है और पार्टी के सामने अस्तित्व का सवाल खड़ा हो सकता है। KRK ने अपने पोस्ट में यह भी कहा कि यदि कांग्रेस की ओर से तृणमूल कांग्रेस को कांग्रेस में विलय का कोई प्रस्ताव मिला है, तो यह वर्तमान परिस्थितियों में सबसे बेहतर विकल्प हो सकता है।
उनके इस बयान ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाओं को जन्म दिया। समर्थकों और विरोधियों के बीच पोस्ट तेजी से वायरल होने लगे और राजनीतिक चर्चाओं का हिस्सा बन गए।
अपने दूसरे पोस्ट में KRK ने ममता बनर्जी की राजनीतिक स्थिति को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने लिखा कि कुछ समय पहले तक ममता बनर्जी को राष्ट्रीय राजनीति में एक बड़े चेहरे के रूप में देखा जा रहा था, लेकिन अब हालात बदलते दिखाई दे रहे हैं। इसी के साथ उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति में समय सबसे बड़ा खिलाड़ी होता है और परिस्थितियां कभी भी बदल सकती हैं।
कमाल आर खान ने दावा किया कि उन्होंने पश्चिम बंगाल चुनावों के दौरान ही ऐसी स्थिति की भविष्यवाणी की थी। उन्होंने अपने पुराने दावों का हवाला देते हुए कहा कि उनकी राजनीतिक भविष्यवाणियों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
KRK ने अपने एक अन्य पोस्ट में उन नेताओं का भी बचाव किया जो कथित तौर पर पार्टी छोड़ने की तैयारी में हैं। उनका कहना था कि किसी भी नेता के लिए अपने राजनीतिक भविष्य को सुरक्षित रखना जरूरी होता है। यदि किसी दल में आगे बढ़ने की संभावना कम दिखाई देती है, तो नेता दूसरे विकल्पों की तलाश करते हैं।
उन्होंने ये भी संकेत दिया कि आने वाले समय में कुछ बड़े राजनीतिक चेहरे भी अपने राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। हालांकि उन्होंने किसी आधिकारिक घोषणा का उल्लेख नहीं किया, लेकिन उनके पोस्ट ने अटकलों का बाजार गर्म कर दिया।
दरअसल पार्टी के कुल 29 लोकसभा सांसदों में से 19 (कुछ रिपोर्टों के अनुसार 20) असंतुष्ट सांसदों ने एकजुट होकर ममता बनर्जी के नेतृत्व के खिलाफ खुली बगावत कर दी है। इन बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक आधिकारिक पत्र सौंपकर संसद में एक अलग गुट के रूप में मान्यता देने की मांग की है। इसके साथ ही बागी गुट ने केंद्र की सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार को अपना समर्थन देने का बड़ा ऐलान कर दिया है।
Published on:
11 Jun 2026 06:47 am
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