
शेखर सुमन का नया मोनोलॉग वायरल। (फोटो सोर्स: instagram-shekhartonite)
Shekhar Suman on Politicians: बॉलीवुड एक्टर और टॉक शो होस्ट शेखर सुमन इन दिनों अपने यूट्यूब टॉक शो 'शेखर टुनाइट' में अपने मोनोलॉग को लेकर लगातार चर्चा में बने हुए हैं। देश और समाज में फैले गंभीर मुद्दों पर अपने मजाकिया अंदाज में बेबाक टिप्पणियों के लिए पहचाने जाने वाले शेखर, बीते ककुछ दिनों से छात्र आंदोलन, शिक्षा व्यवस्था और नेताओं को लेकर कई बड़े बयान दे चुके हैं। एक बार फिर उन्होंने अपने नए मोनोलॉग में 'असली और नकली नेता' की तुलना हीरों से करते हुए राजनितिक पार्टियों पर एक और तीखा तंज कसा है।
अपने शो 'शेखर टुनाइट' में शेखर सुमन ने कहा, "हीरे दो तरह के होते हैं। एक असली हीरा और एक लैब ग्रोन। असली हीरे बरसों धरती के गर्भ में दबकर बनते हैं, उनकी चमक कभी खत्म नहीं होती। वो रेयर होते हैं। वहीं, लैब ग्रोन हीरे मशीन और टेक्नोलॉजी से बनते हैं। उनमें हीरे वाली बात नहीं होती। वो आपको यहां-वहां हर जगह मिल जाते हैं।"
"हीरे दो तरह के होते हैं। एक असली हीरा और एक लैब ग्रोन। असली जो बरसों धरती के गर्भ में दब कर बनते हैं उनकी चमक कभी खत्म नहीं होती। वो दुर्लभ होते हैं। और वहीं, जो लैब ग्रोन (जो मशीन और टेक्नोलॉजी से बनते हैं) होते है। लेकिन उनमें हीरो वाली बात नहीं। वो आपको यहां-वहां हर जगह मिल जाएंगे।
इसके बाद उन्होंने इसी उदाहरण को नेताओं से जोड़ते हुए कहा, "ठीक उसी तरह नेता भी दो तरह के होते हैं। एक असली और दूसरा नकली। एक सच्चा और दूसरा झूठा। यूं समझिए, सच्चा नेता तीन घंटे की पूरी फिल्म की तरह होता है, जबकि झूठा नेता सिर्फ 30 सेकंड की एक रील। इसलिए अपना नेता और हीरा हमेशा असली वाला ही चुनिए।"
अब 'असली और नकली नेता' पर दिया गया शेखर सुमन का ये नया मोनोलॉग भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। फैंस इसे सिस्टम पर तीखा लेकिन प्रभावी व्यंग्य बता रहे हैं।
हाल ही में शेखर सुमन ने अपने शो में कहा कि पिछले 10 साल में 94 हजार सरकारी स्कूल बंद हुए हैं। और कहा कि अब बच्चे ये तो नहीं पूछेंगे कि टीचर कहां है? शौचालय कहां है? बिजली कहां है? और सरकार ये स्कूल बंद करके गरीबों की मदद ही कर रही है। क्योंकि बच्चे ज्यादा वक्त घर पर रहेंगे तो मां-बाप के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड कर पाएंगे। गरीब परिवारों के बीच प्रेम बढ़ेगा।" इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि हर बच्चा पढ़-लिख गया तो उसे सवाल पूछने की बुरी आदत लग जाएगी।
हाल के दिनों में शेखर सुमन ने CJP के नेतृत्व में हुए छात्र आंदोलन पर भी खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने यह भी कहा था कि किसी मंत्री के इस्तीफे से ज्यादा जरूरी शिक्षा व्यवस्था में वास्तविक सुधार और युवाओं की आवाज को गंभीरता से सुनना है। उनके इन बयानों की सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हुई थी। कई लोगों ने उनकी बेबाकी की सराहना की, जबकि कुछ ने उनके विचारों पर असहमति भी जताई।
Updated on:
26 Jul 2026 06:05 pm
Published on:
26 Jul 2026 06:05 pm
