राष्ट्रीय

इलाज के दौरान अचानक बेकाबू हुई गर्भवती हिप्पो, महिला डॉक्टर का कुचल कर निकाला दम

शिवमोग्गा सफारी पार्क में हिप्पो (दरियाई घोड़े) के हमले में 27 वर्षीय महिला डॉक्टर की मौत हो गई। घटना के बाद सरकार ने हाई लेवल जांच के आदेश दिए हैं और जू सेफ्टी सिस्टम पर सवाल उठ रहे हैं।

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Mar 20, 2026
Veterinarian killed in hippopotamus attack
हिप्पो ने डॉक्टर पर किया हमला (फोटो- एआई जनरेटेड)

कर्नाटक के शिवमोग्गा स्थित टायावरकोप्पा टाइगर एंड लायन सफारी में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने वन्यजीव प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक 27 वर्षीय महिला वेटरिनरी डॉक्टर की हिप्पो (दरियाई घोड़े) के हमले में मौत हो गई है। बताया गया कि डॉक्टर हाल ही में सफारी में नियुक्त हुई थीं और ट्रेनिंग के दौरान अपनी ड्यूटी निभा रही थीं। रात के समय जांच के दौरान अचानक हुए इस हमले ने उनकी जान ले ली, जिसके बाद राज्य सरकार ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं।

अस्पताल में डॉक्टर की हुई सर्जरी

जानकारी के अनुसार, डॉक्टर गुरुवार रात करीब 10:30 बजे एक पक्षी के इलाज के लिए जू अस्पताल पहुंची थी। इसके बाद लगभग 11:45 बजे वह एक गर्भवती हिप्पो के शरीर का तापमान चेक करने के लिए एनक्लोजर में गईं। इसी दौरान अचानक हिप्पो बेकाबू हो गई और उसने डॉक्टर पर हमला कर दिया। इस खतरनाक हमले में डॉक्टर को काफी गंभीर चोटें आई। इसके बाद आसपास मौजूद लोगों ने हिप्पो को काबू में किया और महिला डॉक्टर को गंभीर हालत में तुरंत अस्पताल ले जाया गया। यहां देर रात डॉक्टर की सर्जरी हुई लेकिन सभी इलाज बेअसर रहे और डॉक्टर ने शुक्रवार सुबह करीब 6:30 बजे दम तोड़ दिया। इस घटना ने जू प्रशासन और कर्मचारियों के बीच डर का माहौल पैदा कर दिया है।

घटना की हाई लेवल जांच के आदेश

कर्नाटक के वन, पर्यावरण और पारिस्थितिकी मंत्री ने इस घटना को बेहद दुखद बताया है और पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने तत्काल प्रभाव से हाई लेवल जांच के आदेश दिए हैं। जांच टीम में वरिष्ठ वेटरिनरी विशेषज्ञ और वन अधिकारी शामिल होंगे, जो पूरे मामले की समीक्षा करेंगे। टीम यह पता लगाएगी कि कहीं सुरक्षा मानकों में कोई चूक तो नहीं हुई। साथ ही, सात दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, राज्य के सभी जू और सफारी पार्कों में स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर को सख्ती से लागू करने और कर्मचारियों की सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।

पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे

बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब कर्नाटक में वन्यजीव हमले की घटना सामने आई हो। इससे पहले बेंगलुरु के बाहरी इलाके में स्थित बन्नेरघट्टा बायोलॉजिकल पार्क में भी एक तेंदुए ने एक कर्मचारी पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। हाल के वर्षों में जू परिसरों में जानवरों के हमले की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिससे सेफ्टी प्रोटोकॉल की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कर्मचारियों की ट्रेनिंग, निगरानी और टेक्नोलॉजी के बेहतर इस्तेमाल से ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।

Published on:
20 Mar 2026 04:06 pm