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Tamil Nadu Politics: 365 दिन की मैटरनिटी लीव वाले सीएम विजय के फैसले पर कांग्रेस ने जताई आपत्ति, जानें क्या कहा

Tamil Nadu Third Child Maternity Leave: तमिलनाडु सरकार के तीसरे बच्चे पर 365 दिन की मैटरनिटी लीव देने के फैसले पर कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि मातृत्व अवकाश जरूरी है, लेकिन ऐसी नीति नहीं होनी चाहिए जो बड़े परिवारों को प्रोत्साहित करे। उन्होंने पितृत्व अवकाश और बच्चों की बेहतर शिक्षा पर भी जोर दिया।
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Aug 19, 2026
Tamil Nadu third child maternity leave
राहुल गांधी (बाएं) और सीएम विजय (Photo-IANS)

Tamil Nadu Politics: तमिलनाडु की विजय सरकार ने तीसरे बच्चे के जन्म पर महिला सरकारी कर्मचारियों को 365 दिन की मैटरनिटी लीव देने के फैसला किया है। इस पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई है। कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा कि वह मैटरनिटी लीव के पक्ष में हैं, लेकिन ऐसी नीति का समर्थन नहीं करते जो बड़े परिवारों को बढ़ावा दे।

'बड़े परिवारों को बढ़ावा देने की नीति से सहमत नहीं'

कांग्रेस सांसद ने एक मीडिया चैनल से बात करते हुए कहा कि वह सरकार की ऐसी नीति से सहमत नहीं हैं, जिसका उद्देश्य बड़े परिवारों को प्रोत्साहित करना हो। उन्होंने कहा कि सभी कामकाजी माताओं को मैटरनिटी लीव मिलनी चाहिए और इसके साथ पितृत्व अवकाश की नीति को भी बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि बच्चों की परवरिश सिर्फ महिलाओं की जिम्मेदारी और बोझ नहीं होना चाहिए। कांग्रेस सांसद ने कहा कि भारत और तमिलनाडु को बड़ी आबादी के बजाय ज्यादा शिक्षित, प्रशिक्षित और स्वस्थ आबादी की जरूरत है। 

परवरिश के साथ होनी चाहिए अच्छी शिक्षा

यह पूछे जाने पर कि अगर दूसरे राज्य भी तमिलनाडु के फैसले से प्रेरणा लेते हैं तो क्या होगा इस पर कार्ति चिदंबरम ने कहा कि असली सवाल यह होना चाहिए कि क्या परिवार बच्चों को पर्याप्त अवसर और संसाधन देने में सक्षम हैं।

उन्होंने कहा कि बच्चों की परवरिश के साथ उन्हें अच्छी शिक्षा और अन्य जरूरी संसाधन उपलब्ध कराना भी जरूरी है। कार्ति चिदंबरम ने कहा कि मैटरनिटी लीव का विस्तार सरकारी क्षेत्र के साथ-साथ निजी क्षेत्र में भी किया जाना चाहिए।

क्या है पूरा मामला? 

बता दें कि तमिलनाडु सरकार ने हाल ही में तीसरे बच्चे को जन्म देने वाली महिला सरकारी कर्मचारियों के लिए मातृत्व अवकाश को 12 सप्ताह से बढ़ाकर 365 दिन करने का फैसला किया है। फिलहाल सरकारी महिला कर्मचारियों को पहले और दूसरे बच्चे के लिए एक साल की मैटरनिटी लीव मिलती है, जबकि तीसरे बच्चे के लिए यह अवधि 12 सप्ताह थी।

DMK ने फैसले का किया स्वागत

तमिलनाडु की प्रमुख विपक्षी पार्टी डीएमके ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। पार्टी के प्रवक्ता ए सरवनन ने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें लाभ पहुंचाने वाला कोई भी कदम स्वागत योग्य है।

हालांकि, उन्होंने मांग की कि इस सुविधा का विस्तार निजी क्षेत्र की महिला कर्मचारियों तक भी किया जाना चाहिए। सरवनन ने कहा कि तमिलनाडु ने लंबे समय से जनसंख्या नियंत्रण की दिशा में काम किया है और राज्य में दो-बच्चे के मानक को काफी पहले अपनाया गया था। 

Updated on:
19 Aug 2026 03:16 pm
Published on:
19 Aug 2026 03:16 pm