
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान पर कि कांग्रेस और राहुल गांधी अगले 30 वर्षों तक सत्ता में नहीं आएंगे, कांग्रेस के संगठन महासचिव और सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने पलटवार किया है। वेणुगोपाल ने इसे बीजेपी का 'बेबुनियाद आत्मविश्वास' करार देते हुए सवाल उठाया कि क्या भाजपा को यह लगता है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार या भविष्य के चुनाव आयुक्त उनकी मदद करेंगे? उन्होंने कहा कि ऐसा दावा हकीकत में बदलने वाला नहीं है और देश की जनता भी इसे स्वीकार नहीं करेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के हालिया बयानों पर के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि विपक्षी 'इंडिया' गठबंधन के आंदोलन और जनता के बदले मिजाज की वजह से ही वे ऐसे बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें जो कहना है कहने दीजिए और राहुल गांधी पर जो आरोप लगाना है लगाने दीजिए, लेकिन देश की जनता अब सब समझ चुकी है। हर जगह 'वोटों की चोरी' दोहराई नहीं जा सकती। इसे हर हाल में रोकना होगा। हमने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा चुके है और अब सड़कों पर भी व्यापक स्तर पर बड़ा आंदोलन खड़ा करेंगे। वेणुगोपाल ने पीएम मोदी के पिछले बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव में '400 पार' का दावा करने वाले अब विपक्षी एकजुटता से पूरी तरह डर चुके हैं, जो उनके बयानों में साफ झलकता है। कांग्रेस सांसद ने कहा कि 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की बड़ी रैली होगी।
के.सी. वेणुगोपाल ने एक हालिया आरटीआई खुलासे का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि केंद्र सरकार सीधे तौर पर चुनाव आयोग के कामकाज में दखल दे रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग जब भी कैबिनेट सचिव को कोई पत्र भेजता था, तो उसे यह टिप्पणी लिखकर लौटा दिया जाता था कि 'इस पर कार्रवाई की आवश्यकता नहीं है'। इसका मतलब प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को इस बात की जानकारी थी। हम जो कहते आ रहे थे, वह अब साबित हो गया। मोदी, शाह और ज्ञानेश कुमार के मुख्य चुनाव आयुक्त के पद का गलत इस्तेमाल करके चुनाव से जुड़ी ऐसी हरकतें कर रहे हैं।