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शिवसेना नेता की हत्या के 26 दिन बाद भी मास्टरमाइंड गिरफ्तार नहीं, बेटे ने कहा- अब मुख्यमंत्री को सबूत और वीडियो दूंगा

Pradeep Purnekar Murder Case: पिता प्रदीप पूर्णेकर की हत्या के मामले में राम पूर्णेकर ने पुलिस जांच पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अब वे मामले से जुड़े सबूत मुख्यमंत्री के सामने रखेंगे।
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मुंबई

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Rakesh Mishra

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Updated: 24 Oct 2026, 8:55 PM IST

Pradeep Purnekar Murder Case

प्रदीप पूर्णेकर। फाइल फोटो- पत्रिका

Ram Purnekar: ठाणे में प्रदीप पूर्णेकर की हत्या के मामले में उनके बेटे राम पूर्णेकर ने पुलिस की जांच पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पुलिस को 13 सीसीटीवी फुटेज देने के बावजूद मुख्य साजिशकर्ता की गिरफ्तारी नहीं हुई है। राम ने मीनाक्षी शिंदे और राजेंद्र शिंदे को गिरफ्तार करने की मांग करते हुए कहा कि अब वह पुलिस को नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री को सबूत और वीडियो दिखाएंगे। राम पूर्णेकर ने पत्रकार वार्ता में कहा कि पिता की हत्या को 26 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक जांच में कोई ठोस प्रगति नजर नहीं आ रही है।

सीसीटीवी फुटेज के आधार पर लगाए आरोप

उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस को दिए गए फुटेज में मुख्य साजिशकर्ता से जुड़े सबूत हैं, फिर भी संबंधित लोग खुलेआम घूम रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस पर दबाव होने की बात वह नहीं कहेंगे, लेकिन परिवार को जांच के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही है। राम ने पत्रकारों को एक और सीसीटीवी फुटेज दिखाने का दावा किया। उनके अनुसार इसमें दिखाई दे रही सफेद कार गाड़ी पप्या शिंदे की है। उन्होंने सवाल उठाया कि सुबह 8:10 से 8:40 बजे के बीच आरोपी मीनाक्षी शिंदे और राजेंद्र शिंदे के घर के आसपास क्यों घूम रहे थे। राम का दावा है कि हत्या की साजिश में स्थानीय लोगों की भूमिका है। उन्होंने अमित सिंह की पहचान और पुलिस की ओर से बताए गए पांचवें आरोपी को लेकर भी सवाल उठाए।

पुलिस पर दबाव बनाने का भी आरोप

राम पूर्णेकर ने आरोप लगाया कि 13 अक्टूबर 2026 को कासारवडवली पुलिस थाने के अधिकारी करीब तीन घंटे तक उनके घर पर बैठे रहे। उनके मुताबिक उनसे लिखवाया गया कि वह मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और एकनाथ शिंदे के घर के बाहर प्रदर्शन नहीं करेंगे। राम ने दावा किया कि पत्र पर लिखावट उनकी नहीं है और उस समय उन्हें इस मामले की गंभीरता का अंदाजा नहीं था। उन्होंने कहा कि अब वह मुख्यमंत्री से मिलकर सभी सबूत और वीडियो दिखाना चाहते हैं। उनका आरोप है कि पुलिस को सबूत देने के बाद भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पुलिस थाने में न्याय नहीं मिलता, तो आम आदमी आखिर कहां जाए।

एसआईटी की जांच पर भी उठाए सवाल

राम पूर्णेकर ने मामले की जांच के लिए बनाई गई एसआईटी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका दावा है कि यह टीम गृह विभाग की ओर से आधिकारिक रूप से गठित नहीं की गई, बल्कि ठाणे पुलिस आयुक्त के अधीन काम कर रही है। उन्होंने एसआईटी के नेतृत्व और जांच की निगरानी को लेकर भी सवाल पूछे। उन्होंने सहायक पुलिस आयुक्त शेखर बागडे को लेकर भी आरोप लगाए और उनके पुराने कार्यकाल से जुड़े मामलों का जिक्र किया।

कई नेताओं से मिलने के बाद भी न्याय की मांग

राम ने कहा कि सांसद संजय राउत, केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता परिवार से मिल चुके हैं, लेकिन उन्हें अब तक केवल आश्वासन मिले हैं। उन्होंने कहा कि वह किसी राजनीतिक दल से जुड़े नहीं हैं और अपने पिता के लिए न्याय मांग रहे हैं। राम ने दावा किया कि उन्होंने पुलिस को जांच में काफी मदद की है, लेकिन जिन दो लोगों को वह मुख्य साजिशकर्ता मानते हैं, उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि परिवार पर नजर रखी जा रही है। राम ने कहा कि यदि उन्हें या उनके परिवार को कुछ होता है, तो इसके लिए मीनाक्षी शिंदे और राजेंद्र शिंदे जिम्मेदार होंगे।