24 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

1 नवंबर की महारैली से पहले कांग्रेस की एक और घोषणा, SIR को लेकर घर-घर जाकर पर्चे बाटेंगे कांग्रेस कार्यकर्ता

Congress Marches: वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री भरतसिंह सोलंकी ने कहा कि कांग्रेस मतदाता सूची में 'अनियमितताओं' को लेकर मार्च और घर-घर जाकर अभियान चलाएगी।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भारत

•

image

Gajanand Prajapat

•

Updated: 24 Oct 2026, 7:53 PM IST

November 1st mega-rally

INDIA Bloc Leaders Protest Against CEC/ फाइल फोटो (फोटो-IANS)

Congress November 1st Mega-Rally: मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर विपक्षी दल लगातार विरोध और रैलिया कर रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस ने 1 नवंबर को होने वाली महारैली की तैयारियां तेज कर दी हैं। साथ ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री भरतसिंह सोलंकी ने शनिवार को कहा कि कांग्रेस मार्च निकालेगी, घर-घर पर्चे बांटेगी और जागरूकता बैठकें करेगी, ताकि दिसंबर के अंत तक सभी योग्य नागरिकों का नाम सूची में दर्ज हो जाए।

उन्होंने आरोप लगाया कि देशभर में करोड़ों मतदाताओं के नाम बड़े पैमाने पर हटाए गए और मतदाता सूची में गड़बड़ियां हुई। इससे नागरिक अपने वोट के अधिकार से वंचित हो गए है। उन्होंने यह भी बताया कि बूथ स्तर पर अभियान भी चलाया जाएगा।

1 नवंबर की रैली की तैयारियां तेज

इंडिया गठबंधन 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में वोट चोरी के खिलाफ बड़ी रैली करने जा रहा है। कांग्रेस का कहना है कि इस रैली से देश को संदेश जाएगा कि विपक्ष एकजुट है और लोकतंत्र को बचाने के लिए वोट चोरों को सत्ता से हटाकर रहेगा। वहीं बीजेपी ने इस रैली की तारिख पर सवाल खड़े किए हैं।

कांग्रेस ने रैली की तैयारियों की समीक्षा की है। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यालय में बैठक हुई, जिसमें रैली को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया गया। कांग्रेस ने इस रैली का नारा 'वोट बचाओ, देश बचाओ' तय किया है।

व्यापारियों की चिट्ठी कांग्रेस ने उठाए सवाल

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को व्यापारियों द्वारा लिखी गए पत्र के जवाब में भी कांग्रेस के नेता राशिद अल्वी ने इसे भाजपा की साजिश बताया। व्यापारियों ने चेतावनी दी थी कि दीपावली के समय में इस रैली से 10,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है। इस पर कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा कि भाजपा ऐसे ही काम करती है, वह अपने लोगों से ऐसी चिट्ठियां लिखवाती है।

उन्होंने सवाल उठाया कि अगर ऐसी कोई चिंता थी तो क्या पुलिस को इसकी जानकारी नहीं थी। पुलिस ने 1 नवंबर के कार्यक्रम की अनुमति क्यों दी। अल्वी के मुताबिक, कार्यक्रम अनुमति लेने के बाद ही तय किया गया था। उन्होंने दावा किया कि भाजपा जानती है कि देशभर से बड़ी संख्या में लोग रैली में आएंगे, इसीलिए वह डरी हुई है।

भाजपा का रैली की तारिख पर सवाल

1 नवंबर की तारिख को लेकर चंडीगढ़ में भाजपा सांसद सतनाम सिंह संधू ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज भी उतनी ही असंवेदनशील है, जितनी 1984 में थी, जब सिखों का नरसंहार हुआ। संधू के अनुसार, 1 नवंबर सिख इतिहास का काला दिन है। उन्होंने कहा कि उस समय दिल्ली में हजारों सिख मारे गए, उनके घर लूटे गए और परिवारों को निशाना बनाया गया।

संधू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने दशकों तक सिखों को न्याय नहीं मिलने दिया। उनका कहना है कि इस दिन सिख परिवार अपने प्रियजनों को याद करते हैं और प्रार्थना करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने जानबूझकर यह तारीख चुनी, ताकि सिखों की आवाज को राजनीतिक ताकत के प्रदर्शन के नीचे दबाया जा सके।

बड़ी खबरें

View All

राष्ट्रीय

ट्रेंडिंग