
फारूक अब्दुल्ला। फाइल फोटो- पत्रिका
Kashmir Issue: जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने पाकिस्तान को लेकर विवादित बयान दिया है। बारामूला में एक सम्मेलन के दौरान उन्होंने कहा कि कश्मीरी पाकिस्तान की वजह से बचे हुए हैं, क्योंकि वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कश्मीर का मुद्दा उठाता रहता है। उन्होंने अनुच्छेद 370 और जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग भी दोहराई। फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि जब तक लोग अपने पैरों पर खड़े नहीं होंगे, तब तक उन्हें सम्मान नहीं मिलेगा। उन्होंने लोगों से ईश्वर को याद करने, उनके बताए रास्ते पर चलने और एकजुट रहने की अपील की।
उन्होंने कहा कि राजनीति में कई बड़े नेता आए और चले गए, लेकिन जब तक लोग एक साथ नहीं रहेंगे, तब तक अपने अधिकार हासिल नहीं कर पाएंगे। फारूक अब्दुल्ला ने भाजपा शासित राज्यों में घरों और दुकानों को तोड़े जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि देश के दूसरे हिस्सों में लोगों की बस्तियां उजाड़ी जा रही हैं, घरों पर बुलडोजर चलाए जा रहे हैं और दुकानें तोड़ी जा रही हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या यह सब किसी से छिपा है। उन्होंने केंद्र सरकार और भाजपा पर जम्मू-कश्मीर की विशिष्ट पहचान को कमजोर करने का आरोप लगाया। अब्दुल्ला ने कहा कि उनकी पार्टी अनुच्छेद 370 की बहाली के लिए संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने यह भी कहा कि अपने अधिकारों की मांग करना देश के खिलाफ होना नहीं है।
सम्मेलन में फारूक अब्दुल्ला ने नई पीढ़ी के इतिहास से दूर होने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बच्चों को यह पता होना चाहिए कि जम्मू-कश्मीर का इतिहास क्या है और यहां के लोग मौजूदा स्थिति तक कैसे पहुंचे। उन्होंने मोबाइल फोन के इस्तेमाल का जिक्र करते हुए अभिभावकों से भी बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान देने की बात कही। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक दलों की बढ़ती संख्या पर भी सवाल उठाए। अब्दुल्ला ने आरोप लगाया कि कई जगह राजनीतिक दल खड़े करने के पीछे पैसे की भूमिका है और कुछ लोग अपने हितों के लिए समझौता कर लेते हैं।
फारूक अब्दुल्ला के पाकिस्तान संबंधी बयान पर जम्मू-कश्मीर के भाजपा नेता युद्धवीर शेट्टी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बयान को निंदनीय बताते हुए आरोप लगाया कि पाकिस्तान को कश्मीरियों का हितैषी बताकर देश के खिलाफ बात की गई है। शेट्टी ने फारूक अब्दुल्ला से माफी मांगने की मांग की और उनके खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज करने की बात कही।
Updated on:
24 Oct 2026, 6:15 PM IST
Published on:
24 Oct 2026, 6:00 PM IST
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