
KC Venugopal Answer भाजपा से मुकाबला करने के लिए विपक्षी दलों में यह सुगबुगाहट है कि, कांग्रेस को शामिल कर एक बड़ा गठबंधन तैयार किया जाए। दिल्ली में आज कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी विपक्षी एकता की जरूरत पर बल दिया। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल के इस बयान ने सबको चौंका दिया कि, भाजपा का मुकाबला कांग्रेस अकेले नहीं कर सकती है। वेणुगोपाल ने कहाकि, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने कई मौकों पर ठीक ही कहा है कि, मौजूदा हालात में कांग्रेस अकेले इस सरकार से नहीं लड़ सकती। विपक्षी एकता की आवश्यकता पर बल देते हुए कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सोमवार को कहा कि, भाजपा विरोधी वोटों के बंटने की संभावना को कम करने के लिए विपक्षी दलों की एकता एक आवश्यक मानदंड है। एएनआई से बात करते हुए कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा, कांग्रेस विपक्षी एकता के बारे में समान रूप से चिंतित है। कांग्रेस किसी भी कीमत पर लड़ेगी, लेकिन हमें इस लोकतंत्र विरोधी, तानाशाह सरकार के खिलाफ लड़ने के लिए विपक्षी एकता की जरूरत है। इन ताकतों के खिलाफ लड़ने के लिए विपक्षी एकता की जरूरत है।
पिछला संसद सत्र एक उदाहरण था
केसी वेणुगोपाल ने कहा, कांग्रेस इसके लिए बहुत उत्सुक है। पिछला संसद सत्र एक उदाहरण था। खरगे ने पहल की और अदाणी मुद्दे पर संसद में एक आवाज रखने के लिए विपक्ष की बैठक बुलाई। मोटे तौर पर हम सोच रहे हैं कि हमें भाजपा के खिलाफ जाना चाहिए। हमें भाजपा विरोधी वोटों को बांटने का मौका नहीं देना चाहिए।
भारत जोड़ो यात्रा से कार्यकर्ताओं में उत्साह का संचार
वेणुगोपाल ने कहा कि, भारत जोड़ो यात्रा ने पार्टी कार्यकर्ताओं में ऊर्जा और उत्साह का संचार किया है। हम मोदी सरकार के खिलाफ लड़ने और उन्हें सत्ता से बाहर करने के लिए अपने विचारों और नीतियों को तैयार करेंगे।
50 वर्ष से कम आयु के युवाओं का पर्याप्त प्रतिनिधित्व
केसी वेणुगोपाल ने कहाकि, 50 अंडर 50' उदयपुर चिंतन शिविर का एक फैसला है। चिंतन शिविर घोषणा के बाद हम एक-एक पदाधिकारी को लेकर बहुत सतर्क हैं। 50 वर्ष से कम आयु के युवाओं का पर्याप्त प्रतिनिधित्व होना चाहिए।
लक्ष्य की पूर्ण पूर्ति के लिए कुछ समय की आवश्यकता
केसी वेणुगोपाल ने आगे कहाकि, हम इसे एक पखवाड़े में नहीं कर सकते। लक्ष्य की पूर्ण पूर्ति के लिए कुछ समय की आवश्यकता है। लेकिन हम प्रक्रिया में हैं। हमारा स्पष्ट मत है कि 50 फीसद पदाधिकारियों की आयु 50 वर्ष से कम होनी चाहिए।