
JPSC और JSSC अभ्यर्थियों के समर्थन में उतरी CJP (फोटो - आईएएनएस)
Jharkhand JPSC-JSSC Protest: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके और पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने झारखंड में प्रदर्शन कर रहे JPSC और JSSC अभ्यर्थियों से वीडियो कॉल के जरिए बातचीत की है। दोनों नेताओं ने छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए उनके आंदोलन के प्रति एकजुटता जताई और कहा कि CJP छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है।
वीडियो कॉल के दौरान अभिजीत दीपके और आशुतोष रांका ने प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों को भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों को लेकर पार्टी लगातार उनके समर्थन में आवाज उठाएगी। CJP की ओर से कहा गया कि छात्रों के हितों से जुड़े मुद्दों पर संगठन आगे भी उनका साथ देता रहेगा।
इस दौरान CJP टीम के सदस्य अमित कुमार सिंह ने कहा, "देश के किसी भी हिस्से में अगर छात्र या कोई पीड़ित समस्या का सामना कर रहा है तो अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और पूरी CJP टीम उसके साथ खड़ी होगी। हमें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि किस पार्टी की सरकार है। सरकार का दायित्व जनता के लिए काम करना है और सत्ता में बैठे लोगों को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।"
झारखंड में JPSC और JSSC अभ्यर्थी पिछले कई दिनों से भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अनिश्चितकालीन सत्याग्रह पर बैठे हैं। रविवार को आंदोलन को तेज करते हुए छात्रों ने हाथों में जलती मशालें लेकर मार्च भी निकाला। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक पूरे मामले की CBI जांच का आदेश नहीं दिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
आंदोलन की मुख्य वजह JPSC की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि कट-ऑफ तय करने की प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं और जारी मेरिट सूची पर संबंधित अधिकारियों के हस्ताक्षर तक नहीं थे। इसके अलावा OMR शीट में कथित गड़बड़ी और परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए गए हैं। छात्रों का यह भी आरोप है कि परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी को पहले ब्लैकलिस्ट किया जा चुका था, इसके बावजूद उसे जिम्मेदारी दी गई।
राज्य सरकार ने मामले की जांच CID को सौंपी है, लेकिन आंदोलनकारी छात्र इससे संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि निष्पक्ष जांच केवल स्वतंत्र एजेंसी से ही संभव है। इसके साथ ही अभ्यर्थियों ने भविष्य में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए OMR शीट में 'Not Attempted' का अलग विकल्प जोड़ने की मांग भी उठाई है। छात्र संगठनों का कहना है कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता।
Updated on:
02 Aug 2026 11:50 pm
Published on:
02 Aug 2026 10:11 pm
