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‘चाकू नहीं था, साधुओं के अपमान पर सवाल किया तो समर्थकों ने पीटा’; पप्पू यादव पर चप्पल फेंकने वाले हैप्पी शर्मा का खुलासा

Pappu Yadav attack case: दिल्ली में पप्पू यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हुए हंगामे के बाद आरोपी हैप्पी शर्मा ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने चाकू ले जाने के आरोपों से इनकार किया और कहा कि वह साधु-संतों के समर्थन में सांसद से सवाल पूछने गए थे।
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नई दिल्ली

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Anand Shekhar

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Updated: 2 Aug 2026, 9:27 PM IST

pappu yadav attack case

पप्पू यादव पर चप्पल फेंकने वाला हैप्पी शर्मा (फोटो- ANI)

Pappu Yadav attack accused: पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के दिल्ली स्थित घर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हंगामा, चप्पल फेंकने और चाकू से हमले की कोशिश के मामले में एक नया मोड़ आया है। इस मामले के आरोपी हैप्पी शर्मा ने सांसद पप्पू यादव द्वारा लगाए गए हत्या की साजिश और चाकू से हमले की कोशिश के आरोपों को खारिज कर दिया है। आरोपी का कहना है कि वह किसी साजिश के तहत या हथियार लेकर वहां नहीं गया था। बल्कि वह साधुओं और भगवान राम के कथित अपमान के बारे में सांसद से सवाल पूछने गया था।

साधुओं के अपमान के बारे में सवाल पूछने गया था

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के नैथला गांव के रहने वाले हैप्पी शर्मा ने बताया कि वह और उनके साथी सुमित गिरी गोस्वामी साधुओं के विरोध प्रदर्शन का समर्थन करने दिल्ली आए थे। घटना की वजह बताते हुए उन्होंने दावा किया कि उन्होंने समाचारों और सोशल मीडिया पर ऐसी खबरें देखी थीं जिनमें कहा गया था कि सांसद पप्पू यादव साधुओं के बारे में अपमानजनक बातें कह रहे थे, उनके भगवा वस्त्रों का मजाक उड़ा रहे थे और भगवान राम को लेकर बयान दे रहे थे। इसलिए, उन्होंने सांसद पप्पू यादव से व्यक्तिगत रूप से मिलकर अपनी बात रखने के लिए उनके घर जाने का फैसला किया।

सुरक्षा जांच के बाद अंदर गया, कोई चाकू या हथियार नहीं था

पप्पू यादव द्वारा लगाए गए आरोपों पर जवाब देते हुए हैप्पी शर्मा ने कहा कि वह मुख्य गेट पर सुरक्षा जांच के बाद ही परिसर में दाखिल हुए थे। उन्होंने बताया कि उनके पास केवल मोबाइल फोन, पैसे और कार की चाबियां थीं। वहां प्रेस कॉन्फ्रेंस चल रही थी और वह एक आम नागरिक के तौर पर खड़े होकर उसे सुन रहे थे। उन्होंने बस सांसद से इतना कहा कि एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि के तौर पर उन्हें देश के साधुओं, भगवा वस्त्रों और धार्मिक मान्यताओं का अपमान करना बंद कर देना चाहिए।

सवाल पूछते ही समर्थकों ने हमला कर दिया

हैप्पी शर्मा का आरोप है कि जैसे ही उन्होंने सवाल पूछा, सांसद पप्पू यादव और उनके समर्थक गुस्से में आ गए और उन पर हमला कर दिया। उन्होंने दावा किया कि वहां मौजूद समर्थकों की भीड़ ने उन दोनों के साथ बेरहमी से मारपीट की। भीड़ के हमला करने और स्थिति के बेकाबू होने के बाद ही बचाव में चप्पल फेंकी गई थी। उन्होंने बताया कि हमले के दौरान वे तो भीड़ से अपनी जान बचाकर भागने में कामयाब रहे, लेकिन उनका दोस्त सुमित गिरी फंस गया। समर्थकों ने सुमित को घर के अंदर बंद कर दिया और बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया।

चाकू हमारा नहीं था – हैप्पी शर्मा

पुलिस की मौजूदगी में सांसद पप्पू यादव और उनके समर्थकों द्वारा दिखाए गए चाकू के बारे में किए गए दावों पर सवाल उठाते हुए, हैप्पी शर्मा ने कहा कि वह चाकू उनका नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि चाकू वाली कहानी मनगढ़ंत थी ताकि मीडिया के लिए मामले को सनसनीखेज बनाया जा सके और खुद को पीड़ित दिखाया जा सके। उन्होंने कहा कि लाइव मीडिया कवरेज के दौरान वे निहत्थे थे और वो पुलिस जांच से सच सामने आ जाएगा।

भगवान राम का अपमान किया गया, तो विरोध जारी रहेगा

हैप्पी शर्मा ने कहा कि वह पुलिस से भाग नहीं रहे थे। बल्कि, वह अपने दोस्त की जमानत का इंतजाम करने और कानूनी कार्रवाई संभालने के लिए पुलिस स्टेशन जा रहे थे। उन्होंने कहा कि अगर देश के संतों, भगवा रंग या भगवान राम का अपमान होता है, तो देश के युवा ऐसे सवाल उठाते रहेंगे और अपना विरोध करते रहेंगे।

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