एक छोटे से मासूम बच्चे ने वीडियो के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्र में लजीज भोजन परोसे जाने की सरकार से गुहार लगाई है। मंत्री जॉर्ज ने अपने वीडियो पोस्ट में कहा कि शंकु के अनुरोध पर विचार करने के बाद आंगनवाड़ी के खाने के मेनू में संशोधन किया जाएगा।
ANGANWADI FOOD MENU: कैमरे में कैद एक मासूम बच्चे की मासूमियत भरी बात केरल की आंगनवाड़ियों (ग्रामीण बाल देखभाल केंद्रों) में परोसे जाने वाले खाने के मेनू को बदलने में मददगार साबित होने वाली है। जी हां, केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने अपने फेसबुक पेज पर एक पोस्ट में एक छोटे बच्चे शंकु का वीडियो शेयर किया है, जो आंगनवाड़ी में उपमा की जगह बिरयानी मांग रहा है। वीडियो का हवाला देते हुए स्वास्थ्य मंत्री वीना ने ऐलान किया है कि राज्य सरकार ने आंगनवाड़ी छात्रों के लिए मेनू की समीक्षा करने का फैसला किया है।
सोशल मीडिया पर रिजुल एस सुंदर नाम के बच्चे का एक वीडियो वायरल हो रह है। सुंदर को प्यार से घरवाले शंकु कहते है। शंकु अपनी मां से यह कहते हुए देखा जा सकता है कि उन्हें आंगनवाड़ी में उपमा की जगह 'बिरनानी' (बिरयानी) और 'पोरिचा कोई' (चिकन फ्राई) देना चाहिए। इंस्टाग्राम पर यह प्यारा वीडियो शेयर करने वाली मां इस वीडियो को रिकॉर्ड करते समय शंकु को घर में बनी बिरयानी खिलाती हुई दिखाई दे रही है।
मंत्री जॉर्ज ने अपने वीडियो पोस्ट में कहा कि शंकु के अनुरोध पर विचार करने के बाद आंगनवाड़ी के खाने के मेनू में संशोधन किया जाएगा। शंकू ने बहुत मासूमियत से मांग उठाई है। बच्चों को पोषण सुनिश्चित करने के लिए आंगनवाड़ियों के माध्यम से विभिन्न प्रकार के भोजन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
इस सरकार के कार्यकाल में आंगनवाड़ियों के माध्यम से अंडे और दूध उपलब्ध कराने की योजना लागू की गई थी। यह सफलतापूर्वक चल रही है। जॉर्ज ने कहा कि स्थानीय निकाय महिला एवं बाल विकास विभाग के समन्वय में आंगनवाड़ियों में विभिन्न प्रकार के भोजन उपलब्ध करा रहे हैं।
आपको बता दें कि बीते साल दिसंबर 2024 में एर्नाकुलम जिले की एक आंगनवाड़ी में 12 बच्चे और एक कर्मचारी कथित तौर पर भोजन विषाक्तता के कारण बीमार हो गए। अधिकारियों को संदेह था कि दूषित पानी भोजन विषाक्तता का कारण हो सकता है।