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भारत की विदेश नीति पर केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन का हमला, कहा- “अमेरिका के प्रभाव में काम कर रही सरकार”

केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाते हुए अमेरिका पर बढ़ती निर्भरता की आलोचना की। उन्होंने संप्रभुता कमजोर होने, रूस से तेल खरीद जैसे मुद्दों और कांग्रेस-बीजेपी दोनों की नीतियों को देश की मौजूदा स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया।

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Mar 22, 2026
Kerala Cm Pinarayi Vijayan

Kerala Cm Pinarayi Vijayan: केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन (Pinarayi Vijayan) ने एक बार फिर केंद्र सरकार की विदेश नीति पर तीखा सवाल खड़ा किया है। उनका कहना है कि भारत जिस तरह से अंतरराष्ट्रीय मंच पर व्यवहार कर रहा है, वह एक स्वतंत्र देश जैसा कम और किसी बड़े देश के प्रभाव में काम करने वाला राष्ट्र ज्यादा लगता है। एक इंटरव्यू में विजयन ने साफ शब्दों में कहा कि भारत को वैश्विक राजनीति में अपनी अलग पहचान बनानी चाहिए, लेकिन मौजूदा हालात कुछ और ही कहानी बता रहे हैं। उनके मुताबिक, अमेरिका की नीतियों पर बढ़ती निर्भरता इस बात का संकेत है कि देश अपनी स्वतंत्र सोच से दूर जा रहा है।

Pinarayi Vijayan ने लगाया यह आरोप


उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों ने देश की संप्रभुता को कमजोर किया है। उनका मानना है कि इससे भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि पर भी असर पड़ा है और देश ऐसी स्थिति में पहुंच रहा है जहां उसे बराबरी से नहीं देखा जा रहा। राजनीतिक मोर्चे पर उन्होंने कांग्रेस और बीजेपी दोनों को निशाने पर लिया। विजयन के अनुसार, ये स्थिति अचानक नहीं बनी है। इसकी जड़ें पहले की सरकारों तक जाती हैं। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिम्हा राव के समय की नीतियों का जिक्र करते हुए कहा कि उसी दौर में वैश्वीकरण और विदेश नीति में बदलाव की शुरुआत हुई थी।

इसके बाद उन्होंने यूपीए सरकार के समय हुए भारत-अमेरिका परमाणु समझौते की बात उठाई। विजयन का कहना है कि उस समय भी विरोध के बावजूद अमेरिका के साथ नजदीकियां बढ़ाई गई। उनके मुताबिक, बीजेपी सरकार ने उन्हीं नीतियों को और तेज गति से आगे बढ़ाया है।

रूस से तेल खरीदने के मुद्दे को भी उठाया


रूस से तेल खरीदने के मुद्दे को उन्होंने खास तौर पर उठाया। विजयन ने कहा कि अगर भारत एक संप्रभु देश है, तो उसे यह तय करने का पूरा अधिकार होना चाहिए कि वह तेल कहां से खरीदे। उन्होंने सवाल किया कि किसी दूसरे देश की अनुमति की जरूरत क्यों पड़े? उनके अनुसार, इस तरह का रवैया देश की गरिमा को ठेस पहुंचाता है। अंत में विजयन ने चिंता जताई कि अगर ऐसी नीतियों पर सवाल नहीं उठाए गए, तो भविष्य में स्थिति और गंभीर हो सकती है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब केरल में 2026 के विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक माहौल पहले से ही गर्म है।

Published on:
22 Mar 2026 02:30 am
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