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केरल कांग्रेस में बढ़ रही दरार, पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने सरेआम विपक्ष के नेता पर कसा तंज

यूथ कांग्रेस के नेता के साथ मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद पार्टी के विपक्ष के नेता वी.डी. सतीसन के मुख्यमंत्री के साथ ओणम भोज में शामिल होने को लेकर कांग्रेस सांसद और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. सुधाकरन ने उनकी आलोचना की है।
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Sep 06, 2025
Congress MP and former state president K. Sudhakaran
कांग्रेस सांसद और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. सुधाकरन (फोटो-आईएएनएस)

केरल कांग्रेस के नेताओं के बीच लंबे समय से दरार की खबरें सामने आ रही है। अब एक बार फिर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच का विवाद सुर्खियां बटोर रहा है। यह विवाद पार्टी के वरिष्ठ सांसद और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. सुधाकरन और विपक्ष के नेता वी.डी. सतीसन के बीच हुआ है। के. सुधाकरन ने हाल ही में सरेआम वी.डी. सतीसन की आलोचना की जिसके बाद पार्टी में अंदरूनी विवाद की खबरें हवा पकड़ने लगी।

किस बात को लेकर दिया सुधाकरन ने बयान

सतीसन के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के साथ एक ओणम भोज में शामिल होने के लेकर सुधाकरन ने यह बयान दिया है। दरअसल ओणम के ही दिन यूथ कांग्रेस के एक नेता पर पुलिस की हिरासत में हुई मारपीट के चौंकाने वाले दृश्य सामने आए थे। इसके बाद सुधाकरन मुख्यमंत्री विजयन के साथ ओणम के भोज में शामिल हुए थे, जिसे सुधाकरन ने गलत बताया है।

क्या है यूथ कांग्रेस के नेता के साथ मारपीट का मामला

यह फुटेज एक कानूनी लड़ाई के बाद आरटीआई के जरिए हासिल की गई थी। इसमें साफ दिखाई दे रहा था कि दो साल पहले कुन्नमकुलम में त्रिशूर यूथ कांग्रेस के नेता सुजीत को पुलिस हिरासत में बेरहमी से पीटा गया था। यह वीडियो सामने आने के बाद से ही पूरे राज्य में बड़े पैमाने पर आक्रोश फैल गया और उन चार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठी जिन पर पहले से ही एक आपराधिक मामला चल रहा है।

अगर मैं सतीसन की जगह होता तो नहीं जाता - सुधाकरन

सुधाकरन ने इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई कि जब कांग्रेस के कार्यकर्ता इन तस्वीरों और वीडियो को लेकर परेशान थे, तब सतीसन मुख्यमंत्री के साथ साथ मंच और खाना साझा कर रहे थे। सुधाकरन ने कहा कि, अगर वह सतीसन की जगह होते तो वह इस भोज में शामिल नहीं होते। उन्होंने आगे कहा, हमारी पार्टी इस हमले को बहुत गंभीरता से लेती है, और हम सुजीत को न्याय दिलाने के लिए किसी भी हद तक जाएंगे।

इस विवाद के चलते पार्टी में बने दो गुट

सुधाकरन और सतीसन के इस विवाद ने पार्टी के अन्य नेताओं को भी दो हिस्सों में बांट दिया है। पार्टी का एक दल सुधाकरन की बात को सच्चे नेतृत्व की निशानी बताते हुए उनका समर्थन कर रहा है। वहीं सतीसन के समर्थक, इस मामले को लेकर यह तर्क दे रहे है कि सीसीटीवी फुटेज तब सामने आया जब ओणम कार्यक्रम पहले ही चल रहा था। सतीसन समर्थकों का कहना है कि उन्होंने इस घटना की कड़ी निंदा की है और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।

Updated on:
06 Sept 2025 06:51 pm
Published on:
06 Sept 2025 06:51 pm