केरल के वायनाड का कलपेट्टा विधानसभा क्षेत्र राजनीतिक उतार-चढ़ाव, विविध जनसंख्या और समृद्ध प्राकृतिक संसाधनों के लिए जाना जाता है। 2021 चुनाव में कांग्रेस की जीत हुई। कृषि और पर्यटन यहां की अर्थव्यवस्था का आधार हैं, जबकि विकास, रोजगार और बुनियादी सुविधाएं प्रमुख चुनौतियां बनी हुई हैं।
Kerala Election: केरल के खूबसूरत पहाड़ी इलाके वायनाड में स्थित कलपेट्टा विधानसभा क्षेत्र सिर्फ प्राकृतिक सौंदर्य के लिए ही नहीं, बल्कि अपने दिलचस्प राजनीतिक इतिहास के लिए भी जाना जाता है। यह राज्य का निर्वाचन क्षेत्र नंबर 19 है और वायनाड लोकसभा सीट के अंतर्गत आता है। फिलहाल इस संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी कर रही हैं। विधानसभा चुनाव की बात करें तो यह मुकाबला त्रिकोणीय है। कांग्रेस, बीजेपी और सीपीआई (एमएल) (आर) के बीच मुकाबला है। कांग्रेस से टी. सिद्दीकी, बीजेपी से प्रशांत मालवायल और सीपीआई (एमएल) (आर) से केवी प्रकाश मैदान में हैं।
कलपेट्टा विधानसभा क्षेत्र की शुरुआत साल 1965 में हुई थी। तब से लेकर अब तक यहां की राजनीति कई बार करवट ले चुकी है। कभी कांग्रेस का दबदबा रहा, तो कभी वामपंथी दलों ने अपनी पकड़ मजबूत की। बीच-बीच में छोटे दलों ने भी यहां अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है।
अगर इस इलाके की बात करें तो यह वायनाड के पहाड़ी हिस्से में आता है। हरियाली, ठंडी जलवायु और मसालों की खुशबू यहां की पहचान है। कॉफी, चाय, इलायची और काली मिर्च की खेती यहां बड़े पैमाने पर होती है। इसके अलावा पर्यटन भी यहां की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा है। एडक्कल गुफाएं, पूकोड झील और चेम्ब्रा पीक जैसे स्थान देश-विदेश से लोगों को आकर्षित करते हैं। प्रशासनिक रूप से यह क्षेत्र काफी व्यापक है। इसमें कलपेट्टा नगरपालिका के साथ कई पंचायतें आती हैं, जो मिलकर इस इलाके का ढांचा तैयार करती हैं। यहां की आबादी भी काफी विविध है। स्थायी किसान, दूसरे हिस्सों से आए प्रवासी और स्थानीय जनजातीय समुदाय सभी मिलकर इस क्षेत्र की सामाजिक तस्वीर बनाते हैं।
चुनावी आंकड़ों पर नजर डालें तो 2021 के विधानसभा चुनाव में यहां करीब 2 लाख मतदाता रजिस्टर्ड थे। इनमें से लगभग 75 फीसदी से ज्यादा लोगों ने मतदान किया, जो काफी अच्छा माना जाता है। यह भी दिखाता है कि यहां के लोग लोकतंत्र में सक्रिय भागीदारी रखते हैं। राजनीतिक तौर पर 2021 का चुनाव काफी दिलचस्प रहा। कांग्रेस के टी. सिद्दीक ने करीब 70 हजार वोट हासिल कर जीत दर्ज की। उनके मुकाबले में एलजेडी के एम. वी. श्रेयाम्स कुमार रहे, जिन्हें करीब 64 हजार वोट मिले। जीत का अंतर बहुत बड़ा नहीं था, लेकिन इतना जरूर था कि कांग्रेस को यहां मजबूत वापसी मिली। बीजेपी के उम्मीदवार तीसरे स्थान पर रहे, लेकिन उनके वोट शेयर में धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखी जा रही है।