Kerla Election Result 2026: केरल चुनाव 2026 में धर्मदम सीट पर पिनाराई विजयन की साख दांव पर है? जानें किसके बीच है कड़ा मुकाबला?
Kerla Election Result 2026: केरल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए आज मतगणना का दिन है और सबकी नजरें राज्य की सबसे चर्चित सीट धर्मदम पर टिकी हैं। कन्नूर जिले की यह निर्वाचन सीट न केवल मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन का गृह क्षेत्र है, बल्कि यह वामपंथी राजनीति का एक मजबूत स्तंभ भी मानी जाती है। आज सुबह से शुरू होने वाली मतगणना यह तय करेगी कि केरल की जनता ने मुख्यमंत्री विजयन के नेतृत्व वाली एलडीएफ (LDF) सरकार को एक और अवसर दिया है या कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ (UDF) के पक्ष में मतदान किया है।
पिनाराई विजयन धर्मदम सीट से लगातार तीसरी बार अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। साल 2016 और 2021 में उन्होंने इस क्षेत्र से बड़े अंतर से जीत हासिल की थी। 2021 के चुनाव में विजयन को कुल मतदान का लगभग 59.8% प्राप्त हुआ था। हालांकि, इस बार की स्थिति कुछ अलग नजर आ रही है। मतगणना से ठीक एक दिन पहले मुख्यमंत्री द्वारा अपने सोशल मीडिया बायो में किए गए बदलाव ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। उन्होंने अपने बायो में मुख्यमंत्री के स्थान पर 'पॉलिट ब्यूरो सदस्य' लिखकर एक नया सस्पेंस पैदा कर दिया है।
धर्मदम निर्वाचन क्षेत्र में इस बार मुकाबला दिलचस्प है। एलडीएफ की ओर से जहां स्वयं पिनाराई विजयन मैदान में हैं, वहीं कांग्रेस (UDF) ने वीपी अब्दुल रशीद को अपना उम्मीदवार बनाकर कड़ी चुनौती पेश की है। दूसरी ओर, भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए (NDA) ने के. रंजित को दावेदार बनाया है। यह क्षेत्र वामपंथ का गढ़ रहा है लेकिन यूडीएफ और एनडीए दोनों ने ही इस बार मतदाताओं के बीच अपनी पैठ बनाने के लिए पूरी ताकत झोंकी है।
आज के परिणामों से पहले आए विभिन्न एग्जिट पोल के आंकड़ों ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज कर दी है। एक्सिस माय इंडिया (Axis My India) और जेवीसी (JVC) जैसी प्रमुख एजेंसियों ने केरल में इस बार लोकतांत्रिक सत्ता परिवर्तन की प्रबल संभावना जताई है। इन अनुमानों के अनुसार, कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ (UDF) को 75 से 90 सीटें मिलने का अनुमान है जबकि सत्ताधारी एलडीएफ (LDF) 50 से 65 सीटों के आसपास सिमट सकती है। हालांकि, पीपुल्स पल्स के सर्वे ने एलडीएफ को 75-85 सीटें देकर मौजूदा सरकार की वापसी का संकेत भी दिया है। यदि यूडीएफ की बढ़त वाले अनुमान सही साबित होते हैं तो धर्मदम निर्वाचन क्षेत्र में मुख्यमंत्री विजयन के चयन का अंतर भी प्रभावित हो सकता है।
केरल में इस बार 9 अप्रैल को एकल चरण में मतदान हुआ था जिसमें 78.27% मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। धर्मदाम जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में भारी मतदान इस बात का संकेत है कि जनता ने किसी ठोस मुद्दे पर अपनी राय स्पष्ट की है। वामपंथी गठबंधन को जहां अपनी जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों पर भरोसा है वहीं विपक्ष ने भ्रष्टाचार और शासन संबंधी मुद्दों को लेकर मतदाताओं के बीच अपनी बात रखी है।
केरल के चुनावी इतिहास में यह एक महत्वपूर्ण क्षण है। 2021 में एलडीएफ ने हर पांच साल में सरकार बदलने की परंपरा को तोड़कर नया कीर्तिमान रचा था। अब सवाल यह है कि क्या पिनाराई विजयन एक बार फिर धर्मदम के मतदाताओं का विश्वास जीतकर मुख्यमंत्री पद पर वापसी करेंगे? या एग्जिट पोल के अनुसार यूडीएफ की वापसी होगी?
धर्मदम का आज का परिणाम न केवल विजयन के राजनीतिक भविष्य को तय करेगा, बल्कि यह भी स्पष्ट कर देगा कि केरल की जनता किस तरह की लोकतांत्रिक व्यवस्था और नेतृत्व के पक्ष में है। दोपहर तक आने वाले रुझानों से यह तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी।