
केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और उनके परिवार को कथित रिश्वत मामले में केरल हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। केरल हाईकोर्ट ने कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) से जुड़े मामले में सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (वेएसीबी) की जांच और एफआईआर पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। पिनराई विजयन और उनके परिवार के सदस्यों की दलील सुनने के बाद अदालत ने यह फैसला सुनाया।
हाईकोर्ट ने सिंगल जज के उस आदेश पर भी चार सप्ताह के लिए रोक लगा दी है, जिसमें वेएसीबी को कथित रिश्वत मामले में विजयन और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज करने का निर्देश दिया गया था। अब अदालत ने अपीलों को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है।
पिनराई विजयन और उनके परिवार के सदस्यों ने हाईकोर्ट में अपील दाखिल कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश को चुनौती दी थी। इस मामले में निचली अदालत के स्तर पर हुई कार्यवाही के बाद सिंगल जज ने वेएसीबी को जांच शुरू करने और संबंधित लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इस आदेश के खिलाफ विजयन और उनके परिवार ने हाईकोर्ट का रुख किया था।
यह मामला कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) और पिनराई विजयन से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन के आरोपों से संबंधित है। आरोपों की जांच और कानूनी कार्रवाई को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं।
इस मामले में विजयन और उनके परिवार के सदस्यों की कथित भूमिका को लेकर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाने की मांग की गई थी। इसी सिलसिले में वेएसीबी को प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया गया था।
बता दें कि केरल में कांग्रेस की नई सरकार बनने के बाद से पूर्व सीएम विजयन की मुश्किलें बढ़ी हैं। उन पर लगे आरोपों की जांच अब और तेज कर दी गई है। कुछ महीने पहले, एक मामले में ईडी ने भी विजयन के घर पर दबिश दी थी।