राष्ट्रीय

केरलम चुनाव: ‘जीत किसी की भी हो, बनेगा इतिहास’, NDA बदलेगी समीकरण? क्या कहते हैं आंकड़े?

केरलम विधानसभा चुनाव की बिसात बिछ चुकी है, अब सिर्फ मतदान का इंतजार है। इस बार NDA चुनावी समीकरण बदल सकती है, जबकि LDF-UDF की टक्कर देखी जा रही है।
2 min read
Keralam Elections
सांकेतिक AI इमेज

केरलम में सत्ता की चाबी चाहे LDF के पास जाए या UDF के खाते में पहुंचे, इस बार का जनादेश इतिहास रचने वाला है। अगर पिनाराई विजयन के नेतृत्व में LDF लगातार तीसरी बार सरकार बनाती है तो यह राज्य की राजनीतिक परंपरा को तोड़ने वाला अभूतपूर्व घटनाक्रम होगा। वहीं, UDF दो हार के बाद वापसी करता है तो इसे वामपंथ के मजबूत गढ़ में बड़ी सेंध माना जाएगा। इस बार के चुनावी नतीजे केवल सरकार नहीं तय करेंगे, बल्कि दोनों खेमों के भीतर शक्ति संतुलन भी प्रभावित करेंगे।

89 सीटों पर LDF-UDF का दबदवा

केरलम के चुनावी माहौल में हार की स्थिति में माकपा के कमजोर होने की बहस तेज हो सकती है। वहीं, UDF के लिए लगातार तीसरी हार आंतरिक असंतोष को बढ़ा सकती है। भाजपा के नेतृत्व वाले NDA के सामने बढ़ते वोट शेयर को सीटों में बदलकर तीसरी ताकत के रूप में खुद को स्थापित करने की चुनौती है। केरलम राज्य में पारंपरिक रुझानों के बावजूद समीकरण जटिल हैं। केरलम की 89 सीटें ऐसी हैं, जहां पिछले 3 चुनावों से LDF या UDF का कब्जा रहा है। इनमें हल्का बदलाव भी बड़े परिणाम ला सकता है। चुनाव में महिला मतदाता, बुजुर्ग और पहली बार वोट देने वाले युवा निर्णायक भूमिका में हैं।

निकाय चुनावों मे वाम दलों को झटका

केरलम में हाल ही हुए स्थानीय निकाय चुनावों में वाम दलों को झटका लगा है। वाम दलों को तिरुवनंतपुरम, अलाप्पुझा, कोल्लम, पलक्कड़ और कन्नूर जैसे पारंपरिक गढ़ों में नुकसान उठाना पड़ा है। इन इलाकों की कुल 57 विधानसभा सीटें हैं। यह संकेत वाम दल के खेमे के लिए चिंता का विषय है। ऐसे परिदृश्य में मुकाबला मुट्ठी भर सीटों पर कुछ हजार वोटों तक सिमट सकता है और वही तय करेगा कि इतिहास किसके पक्ष में लिखा जाएगा।

LDF और UDF के चुनावी मुद्दे

LDF को सत्ता में होने का लाभ मिल सकता है। राज्य में चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाएं, इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर, पिनाराई विजयन का चुनावी चेहरा और बूथ स्तर तक पार्टी की मजबूत पकड़ इस बार के चुनाव में LDF को फायदा पहुंचा सकती है। वहीं, UDF सत्ता विरोधी माहौल का लाभ उठाने की कोशिश करेगा। हाल के नगर निकाय चुनावों में जीत से मिला उत्साह,
शासन की कथित विफलताएं एवं भ्रष्टाचार के आरोपों का प्रमुख मुद्दा UDF को संजीवनी दे सकता है।

केरलम की डेमोग्राफी

  • कुल विधानसभा सीटें- 140
  • कुल उम्मीदवार- 883
  • कुल मतदाता- 2,71,42,952
  • महिला मतदाता-1,39,21,868
  • पुरुष मतदाता- 1,32,20,811
  • अन्य मतदाता- 273
  • कुल मतदान केंद्र- 30,495
Updated on:
09 Apr 2026 04:55 am
Published on:
09 Apr 2026 04:44 am