किसी भी राज्य के विधानसभा भवन की गिनती अतिसुरक्षित और वीवीआईपी इलाकों में होती है। लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए हिमाचल प्रदेश के विधानसभा भवन के मेन गेट और ब्रॉउंड्री वॉल पर खालिस्तानी झंडा बांधा हुआ मिला है।
देश में खालिस्तान मूवमेंट फिर से सिर उठा रहा है। करनाल से भारी मात्रा में हथियार के साथ चार खालिस्तानी आतंकियों की गिरफ्तारी के दो दिन बाद ही आज सुबह हिमाचल प्रदेश के विधानसभा भवन पर खालिस्तानी झंडा बांधा हुआ मिला। धर्मशाला स्थित हिमाचल प्रदेश विधानसभा भवन के मेन गेट पर चाहरदीवारी पर कई जगहों पर रविवार सुबह खालिस्तानी झंडा बांधा हुआ मिला है। विधानसभा भवन जैसे वीवीआईपी क्षेत्र में खालिस्तानी झंडा मिलने से सुरक्षाबलों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए जा रहे है।
समाचार एजेंसी एएनआई ने विधानसभा भवन के मेन गेट पर ब्राउंड्री वॉल पर खालिस्तानी झंडा बंधे होने की तस्वीर और वीडियो को ट्वीट करते हुए मामले की जानकारी दी है। झंडों पर पंजाबी भाषा में खालिस्तान लिखा हुआ है। इस घटना का खुलासा तब हुआ जब रविवार सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों ने विधानसभा भवन पर खालिस्तानी झंडा बंधा देखा। इसके बाद लोगों ने स्थानीय पुलिस को मामले की जानकारी दी। जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने विधानसभा भवन और ब्राउंड्री वॉल पर बंधे खालिस्तानी झंडों को हटा दिया है।
विधानसभा भवन पर खालिस्तानी झंडा बंधे होने की पुष्टि करते हुए कांगड़ा के एसपी खुशाल शर्मा ने कहा कि यह घटना देर रात या सुबह की हो सकती है। हमने विधानसभा गेट से खालिस्तान के झंडे हटा दिए हैं। यह पंजाब के कुछ पर्यटकों की हरकत हो सकती है। हम आज केस दर्ज़ करने जा रहे हैं। पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है। हालांकि कुछ लोगों ने यह सवाल उठाया कि विधानसभा की सुरक्षा के लिए जब गार्ड रहते हैं फिर यह घटना कैसे हुई।
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उल्लेखनीय हो कि दो दिन पहले हरियाणा के करनाल से पुलिस ने भारी मात्रा में हथियार के साथ बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) के चार संदिग्ध आतंकवादियों को गिरफ्तार किया था। ये सभी एक इनोवा से हथियार के साथ महाराष्ट्र के नादेड़ जा रहे थे। इस कार्रवाई के संबंध में जानकारी मिली थी कि ये चारों दिल्ली को दहलाने की साजिश रच रहे थे। पुलिस उस मामले में केस दर्ज कर छानबीन में जुटी है। इधर हिमाचल प्रदेश विधानसभा के गेट पर दीवारों पर खालिस्तानी झंडा मिलने से यह कहा जा रहा है कि देश में फिर से खालिस्तानी मूवमेंट अपना सिर उठा रहा है।
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