
Khan Market traders: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एकबार नई दिल्ली के खान मार्केट गैंग का जिक्र किया था। खान मार्केट लुटियंस जोन के एलिट क्लास व कई बड़े नेताओं का पसंदीदा जगह है। प्रधानमंत्री मोदी ने इसी के कारण 'खान मार्केट गैंग' कहकर तंज कसा था। आज उसी खान मार्केट के व्यापारी विपक्षी प्रदर्शन से परेशान दिख रहे हैं।
मीडिया एजेंसी ANI की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार व चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के खिलाफ विपक्षी प्रदर्शन के कारण खान मार्केट में व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। स्थानीय व्यापारियों ने मीडिया एजेंसी से बात करते हुए कहा कि मार्केट में धंधा पूरी तरह ठप हो गया है। व्यापारियों ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि प्रदर्शन की जगह दिल्ली की सीमा पर शिफ्ट कराई जाए।
खान मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव मेहरा ने कहा कि पुलिस की बैरिकेडिंग से बाजार तक पहुंचना मुश्किल हो गया है।
मेहरा ने कहा कि पिछले कई दिनों से इन प्रदर्शनों की वजह से कारोबार पर असर पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने हमारे बाजार से एक किलोमीटर पहले ही घेरा बना दिया है। इसकी वजह से ग्राहकों को आने-जाने में बहुत दिक्कत हो रही है। बाजार खुला है, लेकिन ग्राहक नहीं हैं और धंधा बिल्कुल ठप है। हम सिर्फ 10 से 20 फीसदी कारोबार ही कर पा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि त्योहारी सीजन चल रहा है, लेकिन विरोध प्रदर्शन के कारण मार्केट लोगों को लुभाने में नाकाम है। बाजार में ग्राहक न के बराबर हैं। लोग डरे हुए हैं। उनके मन में डर है कि रास्ता मिलेगा या नहीं और कहीं प्रदर्शनकारी हिंसक न हो जाएं। उन्होंने कहा कि हमें प्रदर्शन से कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन, जैसे और लोगों को प्रदर्शन करने का हक है, उसी तरह से हमें भी अपना काम करने और बाजार चलाने का हक है।
विपक्ष के रवैये पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि जब आप राष्ट्रपति के पास गए, तो कोई सबूत साथ क्यों नहीं ले गए? क्योंकि आप इस प्रदर्शन को लंबा खींचना चाहते हैं और लोगों के दिमाग में एक कहानी बैठाना चाहते हैं। उनके पास यह कहने का कोई सबूत नहीं है कि एसआईआर में बड़ा घोटाला हुआ है। मेहरा ने कहा कि मैं भी एक नागरिक हूं। हमारे घरों के आसपास भी ऐसे लोग रहते हैं, जिनका नाम वोटर लिस्ट में नहीं है। सरकार उन्हें बार-बार मौका दे रही है कि कोई गड़बड़ी या कमी हो तो नया फॉर्म भरें।
विपक्षी दलों के दावों को गलत बताते हुए उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल कह रहे हैं कि करीब 13 करोड़ वोट कटे हैं। यह झूठ है और इससे हमारे कारोबार को नुकसान हो रहा है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से अपील की कि मेरा अनुरोध है कि सुप्रीम कोर्ट दखल दे और प्रदर्शन की जगह यहां से हटाकर दिल्ली की सीमा पर करवाए। यह भी तय हो कि अब से जंतर-मंतर या नई दिल्ली इलाके में कोई प्रदर्शन न हो।
एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष बृजगोपाल खोसला ने भी कहा कि बार-बार होने वाले प्रदर्शन व्यापार को चोट पहुंचा रहे हैं। खोसला ने कहा कि रोज-रोज के प्रदर्शनों से बाजार के रास्ते बंद हो जाते हैं और कोई ग्राहक आने को तैयार नहीं है। धंधा नहीं है। इन प्रदर्शनों का मकसद ही गड़बड़ी फैलाना है। हम सब इन प्रदर्शनों के वीडियो देखते हैं, जिनमें पुलिस वालों को पीटा जा रहा है और गुंडागर्दी हो रही है।
उन्होंने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध करते हैं कि प्रदर्शन की जगह दिल्ली की सीमा पर कर दी जाए। हमारी आवाजाही पर रोक नहीं लगनी चाहिए और कारोबार का नुकसान नहीं होना चाहिए। अगर कोई प्रदर्शन करना चाहता है, तो सही तरीके से और शांति से करे।