राष्ट्रीय

‘ज्ञानेश कुमार, भाजपा का एजेंट था, है और रहेगा!’, मुख्य चुनाव आयुक्त पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का बड़ा आरोप

Kharge on Gyanesh Kumar: खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को 'भाजपा का एजेंट' बताया। इंडिया गठबंधन ने एसआईआर के खिलाफ 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च का एलान किया। पढ़ें पूरी खबर।
2 min read
• •
Oct 01, 2026
Mallikarjun Kharge, Parvesh Verma Slap, BJP Minister Slap,
कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष, मल्लिकार्जुन खरगे (फाइल फोटो - आईएएनएस)

Gyanesh Kumar as BJP agent: भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने हमला बोला है। खरगे ने कहा कि ज्ञानेश कुमार भाजपा का एजेंट था, है और रहेगा। उन्होंने आगे कहा कि जब तक हमें बैलेट पेपर का अधिकार नहीं मिल जाता तब तक हम लड़ते रहेंगे। खरगे ने कहा कि आज CEC ज्ञानेश कुमार पर चुनाव आयोग के उनके ही दो साथी सवाल उठा रहे हैं। BJP के सभी CM भी ज्ञानेश कुमार के कामों का बचाव कर रहे हैं। मुख्यमंत्रियों का काम कानून-व्यवस्था देखना है या ऐसे अधिकारियों का बचाव करना?

वहीं, बुधवार को हुए इंडिया गठबंधन की बैठक के बाद विपक्षी नेताओं ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के खिलाफ बड़ी मुहिम का ऐलान किया है। बुधवार को 19 दलों के नेताओं की साढ़े तीन घंटे से ज्यादा चली बैठक में 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च का ऐलान किया गया है। साथ ही, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के समक्ष वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ी का मुद्दा उठाने की मांग भी की गई है।

इंडिया गठबंधन ने देशव्यापी लोकतंत्र बचाओ मार्च और पांच बड़ी रैलियां करने की घोषणा भी की है। इसके साथ ही, विपक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर अपील की है कि सर्वोच्च अदालत एसआईआर और चुनावी गड़बड़ियों से जुड़े मामलों की सुनवाई जल्दी करे।

कांग्रेस का दावा - चुनावी व्यवस्था पर कर लिया गया कब्जा

गुरुवार को कांग्रेस ने हमला और तेज कर दिया। कांग्रेस नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि चुनावी व्यवस्था पर कब्जा कर लिया गया है। इस कब्जे के खिलाफ आवाज अब तेजी से उठ रही हैं। जनता अब किसी भी रूप में वोट चोरी को बर्दाश्त नहीं करेगी।

रमेश ने एक्स पर लिखा कि पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने एक बड़े राष्ट्रीय अखबार को दिए इंटरव्यू में एसआईआर और चुनाव आयोग की गड़बड़ियों पर सवाल उठाए हैं। उनके मुताबिक आजादी के बाद पहली बार इतने योग्य मतदाताओं का वोट कटा है। रमेश का दावा है कि एसआईआर से करीब 14 करोड़ मतदाताओं को वोट के अधिकार से वंचित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग कभी "गोल्ड स्टैंडर्ड" माना जाता था, लेकिन उसकी साख मिट्टी में मिल गई है।

Updated on:
01 Oct 2026 02:11 pm
Published on:
01 Oct 2026 01:14 pm