Jagdeep Dhankhar: सभापति धनखड़ ने कहा कि राणा सांगा वीरता, देशभक्ति और राष्ट्रवाद के प्रतीक थे, जो अपने रक्त की अंतिम बूंद तक लड़ते रहे।
Rajya Sabha: राज्यसभा में राणा सांगा के अपमान पर शुक्रवार को फिर से जोरदार हंगामा हुआ। इस दौरान राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि राणा सांगा वीरता, देशभक्ति और राष्ट्रवाद के प्रतीक है। संवेदनशील मुद्दों पर बोलते समय सावधानी बरतनी चाहिए। वहीं संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि महापुरुषों के लिए जिस लहजे में बातें रखी गई वो किसी को मंजूर नहीं हो सकती।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष व नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि इस देश के लिए लड़ने वाले वीरों का वे सम्मान करते हैं, लेकिन कोई कानून अपने हाथ में लेकर किसी दलित के घर पर तोड़फोड़ करें तो उसे भी उचित नहीं मान सकते हैं। दलितों के खिलाफ जो यह कार्रवाई हो रही है यह अपमानजनक है। यह हम कभी नहीं सहन करेंगे। खरगे के इस बयान पर हंगामा हो गया।
बीजेपी के राधा मोहन अग्रवाल ने कहा कि समाजवादी पार्टी के सांसद रामजी लाल सुमन ने गलती मानने की बजाय कह रहे हैं कि वह अपनी बात वापस नहीं लेंगे। नेता प्रतिपक्ष कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष होते हुए मामले को दलित से जोड़ रहे हैं, जो अक्षम्य है। खरगे ने इस मुद्दे को जान बूझ कर दलित समाज से जोडक़र राणा सांगा को दोबारा अपमानित किया है।
सभापति धनखड़ ने कहा कि राणा सांगा वीरता, देशभक्ति और राष्ट्रवाद के प्रतीक थे, जो अपने रक्त की अंतिम बूंद तक लड़ते रहे। जिस तरह लोगों की भावनाएं कीमती हैं। इसी तरह, सदन के सदस्य की गरिमा, उनकी सुरक्षा और प्रतिष्ठा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि हम संसद की कार्यवाही से कोई बात हटा भी देते हैं, लेकिन ये सोशल मीडिया और न्यूज में लगातार चलता रहता है। सभापति ने कहा कि तकनीकी के कारण यह समस्या है कि हम केवल हमारे रिकॉर्ड से हटाते हैं लेकिन सोशल मीडिया उसे और अधिक फैलाता है।