
नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कीर्ति आजाद ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि भाजपा सरकार आने के बाद से देश में लोगों की आजादी प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में हालात बेहद खराब हैं और कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ रही है।
कीर्ति आजाद ने कहा कि मैं राम मंदिर नहीं गया हूं, बल्कि कामाख्या मंदिर गया हूं। क्या इसका मतलब यह है कि मां कामाख्या की पूजा करने वाला व्यक्ति हिंदू नहीं है? उन्होंने कहा कि वह माता कामाख्या और त्रिपुरा सुंदरी मंदिर में दर्शन करने जाते हैं। उनका सवाल था कि क्या राम मंदिर नहीं जाने से उनकी धार्मिक पहचान बदल जाती है? कीर्ति आजाद ने कहा कि वह माता सीता की जन्मभूमि से आते हैं। उन्होंने कहा कि माता सीता को अग्निपरीक्षा देनी पड़ी थी और अग्निपरीक्षा में सफल होने के बावजूद उन्हें त्याग दिया गया था। उन्होंने सवाल किया कि क्या किसी भी इंसान के लिए अपनी पत्नी से अग्निपरीक्षा लेने और उसमें सफल होने के बाद भी उसे छोड़ देना उचित है? उन्होंने कहा कि किसी के साथ भी ऐसा व्यवहार सही नहीं है।
पश्चिम बंगाल की स्थिति पर बात करते हुए कीर्ति आजाद ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था अभूतपूर्व स्तर पर बिगड़ चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रमुख नेताओं तक पर हमले हो रहे हैं और पुलिस एफआईआर तक दर्ज नहीं कर रही है। उन्होंने हाल ही में टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले का जिक्र करते हुए कहा कि हमले के बाद अभी तक कोई ठोस कार्रवाई या एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।
बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन के बयान पर पलटवार करते हुए कीर्ति आजाद ने उन्हें 'राजकुमार' करार दिया। उन्होंने कहा कि नितिन नवीन भी एक राजकुमार हैं और उनके पिता भी भाजपा में एक प्रमुख और वरिष्ठ पद पर रहे हैं। जो लोग कांच के घरों में रहते हैं, उन्हें दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकने चाहिए। नवीन को अपने बयानों पर ध्यान देना चाहिए।