
Baruipur Murder Case police encounter: पश्चिम बंगाल के बारूईपुर में 11 साल की बच्ची के साथ हुई दरिंदगी और हत्या के मामले में आरोपी प्रभाष मंडल के पुलिस एनकाउंटर के बाद राज्य की सियासत में हलचल तेज हो गई है। इस मामले को लेकर TMC और विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (BJP) आमने-सामने आ गए हैं। दोनों दलों के नेताओं की ओर से लगातार बयानबाजी की जा रही है। TMC सांसद और पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद ने इस एनकाउंटर पर सवाल उठाते हुए इसे एक सोची-समझी स्क्रिप्ट बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। हालांकि, उनके इन दावों को BJP ने पूरी तरह खारिज कर दिया है।
कीर्ति आजाद ने आरोप लगाया कि आरोपी प्रभाष मंडल के पास BJP से जुड़े कुछ अहम राज थे, जिन्हें छिपाने के उद्देश्य से यह पूरा घटनाक्रम रचा गया। उन्होंने एनकाउंटर की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए सवाल उठाया कि आखिर इतनी जल्दी ऐसी कार्रवाई क्यों की गई। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में कोई आधिकारिक प्रमाण सामने नहीं आया है। BJP ने TMC सांसद के दावों को निराधार बताते हुए कहा कि यह बयान राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति से जनता का ध्यान हटाने की कोशिश है।
BJP नेताओं का कहना है कि TMC सरकार अपनी विफलताओं और बढ़ते अपराधों के मुद्दे से बचने के लिए ऐसे आरोप लगा रही है। पार्टी प्रवक्ताओं ने कहा कि पुलिस कार्रवाई को राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है और जांच एजेंसियों को अपना काम करने देना चाहिए।
यह पूरा मामला रविवार को बारूईपुर इलाके से सामने आया जब 11 साल की बच्ची का शव एक तालाब से बरामद हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की पुष्टि के बाद पुलिस ने गैंगरेप और हत्या का मामला दर्ज किया। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत भी कार्रवाई शुरू की गई। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें प्रभाष मंडल भी शामिल था।
इस पूरे मामले के बाद बारूईपुर और आसपास के इलाकों में लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।