
West Bengal Politics: पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और TMC के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के 'वॉयस सैंपल' की जांच को लेकर कोर्ट ने फैसला सुनाया है। कोर्ट ने साफ कह दिया है कि इस मामले की जांच जारी रहेगी। इस बीच, वरिष्ठ अधिवक्ता सब्यसाची चक्रवर्ती ने केंद्र सरकार और CBI की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सीधा आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार और BJP, अभिषेक बनर्जी को बचाने की कोशिश कर रही है।
वकील सब्यसाची चक्रवर्ती ने मीडिया से बात करते हुए साफ किया कि किसी भी बड़े मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच करने के लिए वॉयस सैंपल टेस्ट एक बेहद जरूरी प्रक्रिया है। उन्होंने बताया कि अदालत ने अपने फैसले में साफ कहा है कि इस मामले की जांच जारी रहेगी। कोर्ट की तरफ से अभिषेक बनर्जी को जो कानूनी सुरक्षा मिली हुई थी, उसकी सबसे बड़ी शर्त ही यही थी कि उन्हें जांच में पूरा सहयोग करना होगा और वॉयस टेस्ट के लिए आगे आना होगा।
इस केस की कानूनी बारीकियों को समझाने के साथ-साथ वकील चक्रवर्ती ने एक राजनीतिक पैटर्न की तरफ भी इशारा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में एक खास ट्रेंड देखने को मिला है। जब भी कोई मामला सीधे तौर पर अभिषेक बनर्जी से जुड़ता है, तो केंद्र सरकार और CBI का रुख अचानक नरम हो जाता है।
वकील ने कहा कि इसी ढीलेपन की वजह से मामला सुलझने के बजाय और उलझता जा रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आज तक ऐसा कोई कड़ा कदम देखने को नहीं मिला, जो आधिकारिक या व्यक्तिगत स्तर पर ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी या उनकी पार्टी के खिलाफ जाता हो।
वकील ने कहा कि केंद्र और राज्य के बीच यह तालमेल कोई नया नहीं है, बल्कि बहुत पुराना है। उन्होंने सीधे तौर पर निशाना साधते हुए कहा कि आज के दौर में भी, जब केंद्र में डबल इंजन सरकार का दावा किया जाता है, तब भी BJP और RSS की तरफ से TMC को संरक्षण दिया जा रहा है।