
कामदुनी केस में पीड़िता का परिवार सुवेंदु अधिकारी के जनता दरबार पहुंचा | फोटो सोर्स- IANS
CMSuvendu Adhikari on Kamduni Case: पश्चिम बंगाल के चर्चित 2013 कामदुनी सामूहिक दुराचार और हत्या मामले में एक बार फिर बड़ी हलचल शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी ने इस पुराने मामले को दोबारा खोलने का फैसला किया है। इस फैसले के बाद वर्षों से न्याय का इंतजार कर रहे पीड़िता के परिवार के मन में नई उम्मीद जगी है। मामले से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज सौंपने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर पीड़िता का परिवार मुख्यमंत्री के 'जनता दरबार' पहुंच गया है।
पीड़िता की बहन ने कहा, 'मेरी बहन के साथ सामूहिक दुराचार किया गया और उसकी हत्या कर दी गई, लेकिन हमें न्याय नहीं मिला। ममता बनर्जी ने दुष्कर्मियों को छोड़ दिया, इसलिए आज हम न्याय की मांग लेकर जनता दरबार आए हैं। हम सिर्फ न्याय चाहते हैं और इसी उम्मीद के साथ यहां पहुंचे हैं।'
पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी सरकार ने गत शनिवार (11 जुलाई) को घोषणा की थी कि सुप्रीम कोर्ट में उनकी सरकार मामले में पीड़िता के परिवार का विरोध नहीं करेगी। साथ ही यह भी कहा कि उनकी सरकार पीड़िता के परिवार को न्याय दिलाने के लिए सरकारी वकील उपलब्ध कराकर पूरी कानूनी सहायता उपलब्ध कराएगी।
उत्तर 24 परगना जिले के कामदुनी में 2013 में कॉलेज से घर लौटते समय छात्रा का अपहरण किया गया था। छात्रा को बंद पड़ी फैक्ट्री में ले जाकर सामूहिक दुराचार किया गया था। बाद में छात्रा की हत्या कर दी गई थी और शव को क्षत-विक्षत कर खेत में फेंक दिया था। इस मामले के सामने आने के बाद पश्चिम बंगाल समेत देशभर में आक्रोश फैल गया था।
कामदुनी सामूहिक दुष्कर्म और हत्या मामले में वर्ष 2016 में कोलकाता की विशेष सत्र अदालत ने तीन दोषियों को फांसी और तीन अन्य को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। बाद में कलकत्ता हाईकोर्ट ने दो दोषियों की फांसी की सजा को उम्रकैद में बदल दिया। तीसरे दोषी को बरी कर दिया। इसके अलावा तीन अन्य दोषियों की सजा भी कम कर दी।
हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ पीड़ित परिवार सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। परिवार का आरोप है कि तत्कालीन राज्य सरकार और पुलिस ने अदालत में कई अहम सबूत पेश नहीं किए। परिवार ने पुलिस पर जांच में लापरवाही बरतने का भी आरोप लगाया।
गौरतलब है कि वर्ष 2013 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कामदुनी गई थीं। उस दौरान स्थानीय लोगों ने उनका जोरदार विरोध किया था। बाद में ममता बनर्जी ने प्रदर्शनकारियों को 'माओवादी' बताया था। इस बयान को लेकर उनकी काफी आलोचना हुई थी।
Updated on:
15 Jul 2026 11:19 am
Published on:
15 Jul 2026 10:21 am
