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शरद पवार के समर्थन देने के बाद भी लोकसभा में मोदी सरकार पास नहीं करा पाएगी परिसीमन बिल? जानें पूरा समीकरण

NDA majority in Lok Sabha 2026: महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री शरद पवार की पार्टी एनसीपी (एसपी) संसद के मानसून सत्र में महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक पर मोदी सरकार का समर्थन कर सकती है। हालांकि, पार्टी ने साफ किया है कि यह समर्थन केवल मुद्दों के आधार पर होगा, एनडीए में शामिल होने का कोई फैसला नहीं है।
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भारत

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Ashib Khan

Jul 15, 2026

Sharad Pawar's party will support the delimitation bill

शरद पवार ने परिसीमन बिल का समर्थन करने की कही बात (Photo-IANS)

Sharad Pawar Supports Delimitation Bill: महाराष्ट्र के पूर्व सीएम और एनसीपी (एसपी) के प्रमुख शरद पवार ने विपक्षी गुटों को बड़ा झटका दिया है। दरअसल, संसद के आगामी मानसून सत्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) मोदी सरकार के दो अहम विधेयकों महिला आरक्षण बिल और परिसीमन (डिलिमिटेशन) बिल का समर्थन कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक, शरद पवार की अगुवाई वाला गुट इन दोनों विधेयकों के पक्ष में मतदान करने की तैयारी में है।

क्या NDA का हिस्सा बनेगी पार्टी

सूत्रों का कहना है कि शरद पवार गुट सरकार को केवल मुद्दों के आधार पर समर्थन देगा। पार्टी फिलहाल NDA का हिस्सा बनने के पक्ष में नहीं है। लोकसभा में शरद पवार गुट के 8 सांसद हैं और उनके समर्थन से सरकार को इन अहम विधेयकों पर अतिरिक्त राजनीतिक मजबूती मिल सकती है।

शरद के समर्थन के बाद भी दो-तिहाई बहुमत से रहेगी दूर

यदि दोनों विधेयकों पर लोकसभा में शरद पवार समर्थन करते हैं तो उसके बाद भी एनडीए दो तिहाई बहुमत के पार नहीं पहुंच पाएगा। लोकसभा में एनडीए के कुल सांसद 319 हैं। उद्धव ठाकरे के 6 सांसदों के शिवसेना में शामिल होने से पहले यह आंकड़ा 313 था। वहीं शरद पवार के समर्थन देने के बाद लोकसभा में एनडीए के 327 सांसद हो जाएंगे।

लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत हासिल करने के लिए एनडीए को 362 सीटों की आवश्यकता है। हालांकि शरद पवार के समर्थन देने के बाद भी एनडीए 35 सीटें कम है। 

परिसीमन बिल लाना है मुख्य एजेंडा

भले ही लोकसभा में NDA की ताकत बढ़ जाए लेकिन फिर भी दो-तिहाई बहुमत से काफी दूर होगी। दरअसल, 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार परिसीमन बिल लाना चाहती है। इस बिल को पहले भी सदन में ला चुकी है, लेकिन दो-तिहाई बहुमत नहीं होने के कारण यह बिल वापस चला गया।

अब लगातार विपक्षी पार्टियों के सांसदों का एनडीए को समर्थन देने से एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई है कि सरकार दोबारा सदन में इस बिल को लाना चाहती है। दरअसल, लोकसभा चुनाव 2029 से पहले परिसीमन बीजेपी का सबसे बड़ा एजेंडा है। 

20 जुलाई से शुरू होगा मानसून सत्र

संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। सरकार इस दौरान संविधान (131वां संशोधन) विधेयक पेश करने की तैयारी में है। इस विधेयक के जरिए लोकसभा की कुल सीटों की संख्या 850 तक बढ़ाने और देशभर में परिसीमन प्रक्रिया शुरू करने का प्रस्ताव लाया जाएगा।