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लोकसभा में TMC के बागी सांसदों को मिलेंगी नई सीटें! स्पीकर के फैसले से बदलेगा सियासी गणित

TMC rebel MPs merge with NCPI: लोकसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हो रहा है। सूत्रों के अनुसार, स्पीकर ओम बिरला जल्द ही लंबित विलय संबंधी आवेदनों पर फैसला ले सकते हैं। निर्णय के बाद आधिकारिक अधिसूचना जारी की जाएगी।
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भारत

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Ashib Khan

Jul 15, 2026

Lok Sabha Speaker Om Birla NCPI recognition

TMC की बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार (Photo-IANS)

West Bengal TMC Political Crisis: संसद के मानसून सत्र के दौरान लोकसभा का समीकरण बदल सकता है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला जल्द ही तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों को सदन में नई सीटें आवंटित कर सकते हैं। इन सांसदों ने नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में विलय का दावा किया था।

बारासात सांसद काकोली घोष दस्तीदार को लोकसभा में NCPI का मुख्य सचेतक बनाया जा सकता है। दस्तीदार ने कहा कि उन्होंने स्पीकर से मुलाकात की है। उनके अनुसार, लोकसभा अध्यक्ष ने नई सीटें और संसद भवन में कार्यालय आवंटित करने का आश्वासन दिया है। साथ ही, 19 जुलाई को होने वाली सर्वदलीय बैठक में NCPI के दो प्रतिनिधियों को शामिल होने की अनुमति भी दी जाएगी।

विधानसभा चुनाव के बाद बदला राजनीतिक समीकरण

बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद विधानसभा और संसद में टीएमसी दो गुटों में बंट गई। विधानसभा में TMC के टिकट पर चुने गए 60 विधायकों ने अलग गुट बना लिया। वहीं, लोकसभा में TMC के 28 सांसदों में से 20 सांसदों ने NCPI में विलय का दावा करते हुए खुद को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के साथ जोड़ लिया।

इसके अलावा, राज्यसभा में TMC के तीन सांसद इस्तीफा दे चुके हैं। इन तीनों को बीजेपी ने राज्य सभा चुनाव के लिए प्रत्याशी घोषित किया है। माना जा रहा है कि तीनों बीजेपी के चिन्ह पर दोबारा राज्य सभा पहुंच सकते हैं। 

मानसून सत्र से पहले मिल सकती है औपचारिक मान्यता

लोकसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हो रहा है। सूत्रों के अनुसार, स्पीकर ओम बिरला जल्द ही लंबित विलय संबंधी आवेदनों पर फैसला ले सकते हैं। निर्णय के बाद आधिकारिक अधिसूचना जारी की जाएगी।

बताया जा रहा है कि TMC के बागी सांसद नई सीटों की व्यवस्था को अंतिम रूप देने के लिए दिल्ली में मौजूद हैं। नई सीटें और कार्यालय आवंटित किए जाने की तैयारी को विलय को मंजूरी मिलने का संकेत माना जा रहा है। यदि यह विलय मंजूर हो जाता है तो अभी तक बिना सांसद वाली NCPI, भाजपा की सबसे बड़ी सहयोगी पार्टी बन सकती है।

हालांकि अभी तक ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले TMC गुट की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

शिवसेना (UBT) ने उठाए कानूनी सवाल

वहीं शिवसेना (UBT) के नेता अरविंद सावंत ने अपनी पार्टी के छह सांसदों के शिवसेना में विलय के दावे को पूरी तरह अवैध बताया है। उनका कहना है कि संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत केवल सांसदों का समूह अपने स्तर पर किसी दूसरी पार्टी में विलय नहीं कर सकता। इसके लिए मूल राजनीतिक दल की सहमति आवश्यक होती है। इस संबंध में पार्टी ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र भी भेजा है।

सदन में एनडीए की बढ़ेगी संख्या

यदि लोकसभा अध्यक्ष इन विलयों को मंजूरी देते हैं, तो लोकसभा में NDA का आंकड़ा दो-तिहाई बहुमत के और करीब पहुंच जाएगा। हालांकि, संविधान संशोधन विधेयक पारित कराने के लिए गठबंधन को अभी भी लगभग 40 सांसदों के अतिरिक्त समर्थन की आवश्यकता होगी।