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कर्नाटक जेल से भागे 3 कैदी, एक को पुलिस ने मुठभेड़ में दबोचा, फायरिंग में पैर में लगी गोली

Karnataka Police Encounter: कर्नाटक के कलबुर्गी सेंट्रल जेल से फरार तीन दोषी कैदियों में से एक को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया, जबकि दो की तलाश जारी है।
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पुलिस कार्रवाई में घायल हुआ जेल से फरार कैदी

Kalaburagi Central Jail Escape: कर्नाटक के कलबुर्गी में सेंट्रल जेल से फरार हुए तीन दोषी कैदियों में से एक को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, हुमनाबाद रिंग रोड के इंडस्ट्रियल एरिया के पास हुई कार्रवाई के दौरान आरोपी कैदी ने पुलिस टीम पर हमला करने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने खुद की रक्षा में गोली चलाई, जिसमें कैदी के पैर में गोली लग गई।

मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मी घायल

मुठभेड़ के दौरान दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। घायल कैदी को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। वहीं, पुलिस अब फरार हुए दो कैदियों की तलाश में जुटी हुई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीमें गठित कर आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

कलबुर्गी सेंट्रल जेल से फरार हुए कैदी

बता दें कि मंगलवार तड़के कलबुर्गी सेंट्रल जेल से तीन कैदी फरार हो गए थे। पुलिस जांच में सामने आया कि कैदियों ने जेल से भागने की योजना पहले से तैयार कर रखी थी। जानकारी के मुताबिक, तीनों कैदियों ने बैरक नंबर-5 से भागने की साजिश रची।

जेल से कैसे भागे कैदी?

कैदियों ने बाथरूम की लोहे की ग्रिल काटकर रास्ता बनाया और निर्माण कार्य के लिए रखी गई सीढ़ी की मदद से जेल की ऊंची दीवार पार कर फरार हो गए। फरार कैदियों की पहचान बीदर जिले के निवासी मस्तान, संतोष और सागर के रूप में हुई थी। इनमें से दो कैदी हत्या के मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहे थे, जबकि तीसरा कैदी पॉक्सो (POCSO) मामले में 20 साल के कठोर कारावास की सजा भुगत रहा था।

कैदियों की तलाश के लिए बनाई गईं तीन स्पेशल टीमें

कलबुर्गी के पुलिस आयुक्त शरणप्पा एसडी ने घटना के बाद बताया था कि फरार कैदियों को पकड़ने के लिए तीन स्पेशल टीमों का गठन किया गया है। पुलिस, जेल प्रशासन और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर घटना की जांच शुरू कर दी थी। उन्होंने बताया कि जेल प्रशासन की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया जाएगा और फरार कैदियों की गिरफ्तारी के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

भागने की योजना पहले से बना चुके थे कैदी

पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि कैदियों ने जेल से फरार होने की पूरी योजना पहले ही तैयार कर ली थी। जेल परिसर में चल रहे निर्माण कार्य का फायदा उठाकर उन्होंने वहां मौजूद सीढ़ी का इस्तेमाल किया और जेल की मुख्य दीवार तक पहुंचने में सफल रहे। इसके बाद उन्होंने बैरक से जुड़े बाथरूम की लोहे की ग्रिल काटी और उसी रास्ते से बाहर निकल गए। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरी साजिश में किसी बाहरी व्यक्ति की मदद ली गई थी या नहीं।

जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

कलबुर्गी सेंट्रल जेल से कैदियों के फरार होने की घटना के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। जेल की ऊंची दीवारों पर इलेक्ट्रिक फेंसिंग लगाए जाने के बावजूद कैदी कैसे भागने में सफल हुए, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों को आशंका है कि घटना के समय बिजली की बाड़ (इलेक्ट्रिक फेंसिंग) एक्टिव नहीं थी। जांच में अगर किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

सीसीटीवी फुटेज से जुटाए जा रहे सुराग

पुलिस ने मामले की जांच के लिए अलग-अलग टीमें तैनात की हैं। एक टीम तकनीकी जांच और मोबाइल लोकेशन समेत अन्य डिजिटल सुरागों का विश्लेषण कर रही है, जबकि दूसरी टीम आसपास के क्षेत्रों में सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। तीसरी टीम जमीनी स्तर पर जानकारी जुटाने और संभावित ठिकानों पर दबिश देने का काम कर रही है। पुलिस ने बीदर पुलिस अधीक्षक और रेंज डीआईजी को भी पूरे मामले की जानकारी दे दी है।

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