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Asaduddin Owaisi On RSS: मोहन भागवत के ‘मुस्लिमों को भारत से बाहर करने वाला हिंदू नहीं’ बयान पर ओवैसी का पलटवार, आरएसएस को लेकर लगाए गंभीर आरोप

Asaduddin Owaisi: मोहन भागवत के 'मुस्लिमों को भारत से बाहर करने की सोच हिंदुत्व नहीं' बयान पर असदुद्दीन ओवैसी ने पलटवार किया है। ओवैसी ने RSS की विचारधारा को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
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भारत

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Anurag Animesh

Aug 30, 2026

Asaduddin Owaisi news

असदुद्दीन ओवैसी(फोटो-IANS)

Mohan Bhagwat: आरएसएस(RSS) प्रमुख मोहन भागवत के हिंदू-मुस्लिम एकता को लेकर दिए बयान पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भागवत ने न्यूयॉर्क में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि जो हिंदू यह सोचता है कि भारत में मुसलमान नहीं होने चाहिए, वह हिंदू ही नहीं है। अब ओवैसी ने इस बयान को संघ की 'पुरानी रणनीति' बताते हुए आरएसएस के विचारकों और संस्थापकों के पुराने विचारों का हवाला दिया है। ओवैसी ने रविवार को सोशल मीडिया साइट 'X' पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि आरएसएस की विचारधारा देश के धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ रही है। उन्होंने भागवत के बयान को लेकर कहा कि यह संघ के 'प्लेबुक' की पुरानी तरकीब है।

क्या बोले थे मोहन भागवत?

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत शनिवार को न्यूयॉर्क में आयोजित 'वन वर्ल्ड वन ह्यूमैनिटी' नाम के धर्मगुरुओं के सम्मेलन में शामिल हुए थे। यहां हिंदू-मुस्लिम एकता पर बोलते हुए उन्होंने 2018 के दिल्ली में हुए अपने भाषण का जिक्र किया। भागवत ने बताया कि उस कार्यक्रम में मौजूद कुछ मुस्लिम लोगों ने उनसे पूछा था कि अगर आरएसएस हिंदू राष्ट्र की बात करता है तो मुसलमानों का क्या होगा और क्या उन्हें देश से बाहर कर दिया जाएगा। भागवत ने कहा कि उन्होंने तब जवाब दिया था कि ऐसा हिंदुत्व नहीं है। उनके मुताबिक, अगर कोई हिंदू यह सोचता है कि भारत में मुसलमान नहीं होने चाहिए, तो वह हिंदू नहीं रह जाता।

उन्होंने आगे कहा था कि जो व्यक्ति खुद को हिंदू मानता है, उसे यह विश्वास रखना चाहिए कि अलग-अलग रास्ते एक ही मंजिल तक पहुंचते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हर इंसान में अपनी गरिमा होती है और मूल रूप से मनुष्यों के बीच कोई बुनियादी अंतर नहीं है।

ओवैसी ने बताया 'संघ की पुरानी तरकीब'

भागवत के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने आरएसएस की विचारधारा पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि संघ के संस्थापक और विचारकों के विचारों में धार्मिक अल्पसंख्यकों को लेकर अलग दृष्टिकोण रहा है। ओवैसी ने दावा किया कि आरएसएस के संस्थापक पहले भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में थे, लेकिन गांधी के नेतृत्व में चल रहे ब्रिटिश विरोधी स्वतंत्रता आंदोलन में सभी धार्मिक समुदायों की भागीदारी के विचार से असहमति के कारण उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी थी। ओवैसी ने यह भी आरोप लगाया कि आरएसएस लोकतंत्र का विरोध करता रहा है और लगातार तानाशाही की मांग करता रहा है।

'मुस्लिम और ईसाई आंतरिक खतरा' होने का दावा

ओवैसी ने अपनी पोस्ट में यह भी आरोप लगाया कि आरएसएस भारतीय मुसलमानों और ईसाइयों को क्रमशः देश के लिए 'पहले और दूसरे नंबर का आंतरिक खतरा' मानता है।उन्होंने अपने दावे के समर्थन में आरएसएस के विचारकों की किताबों का हवाला दिया और दावा किया कि इनमें मुस्लिम नागरिकों को लेकर लगातार संदेह रखने की बात कही गई है।

न्यूयॉर्क में भागवत के दौरे का हुआ था विरोध

मोहन भागवत का अमेरिका दौरा भी विवादों से अछूता नहीं रहा। न्यूयॉर्क में उनके कार्यक्रम को लेकर अमेरिका में कई लोगों ने विरोध जताया था। भागवत जिस मुख्य कार्यक्रम में शामिल हुए, उसका आयोजन अमेरिकन हिंदूज फॉर एंगेजमेंट एंड डायलॉग (एहेड) फोरम ने किया था। कार्यक्रम का नाम ‘यूनिवर्सल हार्मनी एंड यूनिवर्सल वननेस’ रखा गया था। न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने भी भागवत के दौरे और कार्यक्रम को लेकर असहमति जताई थी।

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