
Kolkata Rape And Murder Case: सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से 'रातेर साथी' योजना पर सवाल उठाते हुए इसके तहत भर्ती किए गए 1500 सिविल कार्यकर्ताओं की अगले आदेश तक अस्पतालों, पुलिस थानों और स्कूलों में नियुक्ति पर रोक लगा दी है। कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में जूनियर डॉक्टर से दरिंदगी मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार से नागरिक स्वयंसेवकों की भर्ती प्रक्रिया के बारे में तीन सप्ताह में हलफनामे पर जानकारी मांगी है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि यह असत्यापित व्यक्तियों को राजनीतिक संरक्षण प्रदान करने की एक अच्छी प्रक्रिया है।
चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच में हुई सुनवाई में कोर्ट ने डॉक्टरों की सुरक्षा के इंतजामाें के बारे में सिफारिश करने के लिए गठित नेशनल टास्क फोर्स (NTF) की कार्यवाही की धीमी प्रगति पर नाराजगी प्रकट की। बेंच को बताया गया कि नौ सितंबर के बाद इसकी कोई बैठक नहीं हुई है। कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि इस मामले में रुचि ले और टास्क फोर्स तीन सप्ताह में कम से कम अंतरिम रिपोर्ट पेश करे।
कोलकाता में मंगलवार शाम को अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला। एक तरफ उत्सव मनाया गया तो दूसरी तरफ तीन सौ मीटर की दूरी पर विरोध प्रदर्शन किया गया। महानगर के रानी रासमणि रोड पर डॉक्टरों का ‘द्रोह का कार्निवल और रेड रोड पर राज्य सरकार का पूजा कार्निवल लगभग एक ही समय पर आयोजित किया गया।
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद कोलकाता पुलिस ने जूनियर डॉक्टरों को सशर्त द्रोह का कार्निवाल के लिए अनुमति दी। जूनियर डॉक्टरों ने रानी रासमणि एवेन्यू में कार्निवल निकाला। इसमें 21 ढाकियों (ढोलक बजाने वाले) ने हिस्सा लिया। साथ ही मृत महिला डॉक्टर को न्याय दिलाने की मांग वाले कई बैनर नजर आए।
दूसरी ओर दुर्गा पूजा कार्निवल के तहत रेड रोड पर दुर्गा प्रतिमाओं की प्रदर्शनी और रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सीएम ममता बनर्जी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इस दौरान मौजूद रहीं। कार्निवल में कुछ विदेशी मेहमान भी देखे गए। प्रदर्शनी में कई पुरस्कार विजेता दुर्गा प्रतिमाओं काे रखा गया।