
Kolkata Hotel Fire: कोलकाता। कोलकाता के मिर्जा गालिब स्ट्रीट स्थित सिखा इन होटल में बुधवार तड़के लगी भीषण आग में 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। पांच मंजिला इस इमारत की दूसरी मंजिल पर रात करीब 2 बजे अचानक आग भड़की, जिसने देखते ही देखते पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के समय होटल में सो रहे लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। सूचना पर पहुंची दमकल की 4 गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और सीढ़ियों की मदद से 22 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
बीरभूम के पुलिस अधीक्षक विदित राज भुंडेश ने बताया कि शुरुआती दौर में बाहर से न तो धुआं नजर आ रहा था और न ही आग की लपटें, जिससे अंदर स्थिति और विकराल हो गई। होटल में ठहरे प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पूरी इमारत में आने-जाने के लिए केवल एक ही रास्ता था और आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए कोई इमरजेंसी एग्जिट नहीं बनाया गया था। इसके साथ ही सुरक्षा मानकों में भारी खामियां देखने को मिलीं।
HT के मुताबिक बीरभूम जिले के तारापीठ से आए होटल में ठहरे अमीरुल हुसैन ने भयानक मंजर बयां करते हुए बताया कि वे अपने दोस्त के साथ आए थे और स्थिति इतनी खौफनाक थी कि उन्हें समझ ही नहीं आया कि वे कैसे बच पाए। होटल में न तो कोई फायर अलार्म बजा और न ही आग बुझाने का कोई सिस्टम मौजूद था, जिसके चलते कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी।
बांग्लादेश से आए और पिछले एक महीने से इसी होटल में ठहरे अराफात हुसैन ने भी आपबीती सुनाते हुए बताया कि देर रात अचानक दूसरी मंजिल पर भारी शोर-शराबा और चीख-पुकार सुनकर उनकी नींद खुली। हादसे में 9 लोगों की मौत की खबर मिलते ही वे अब किसी अन्य होटल में शिफ्ट हो रहे हैं।
घटनास्थल का दौरा करने पहुंचीं पश्चिम बंगाल की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से स्थिति का जायजा लिया और होटल प्रबंधन की भारी लापरवाहियों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि एक ही इमारत की तीन मंजिलों पर छोटे-छोटे कमरे बनाकर दर्जनों होटल संचालित किए जा रहे हैं, जो पूरी तरह गैर-कानूनी है। सरकार जल्द ही एक विशेष टीम का गठन कर शहर के सभी होटलों के फायर लाइसेंस और परमिट की जांच कराएगी।
पुलिस मृतकों और होटल में ठहरे लोगों की पहचान में जुटी है, वहीं अग्निशमन मंत्री कौशिक चौधरी ने माना कि इमारत प्रबंधन ने बुनियादी सुरक्षा और निर्माण नियमों का उल्लंघन किया था। प्राथमिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, हालांकि वास्तविक कारणों की पुष्टि फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।