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पटना में ‘डमी AK-47’ लेकर सड़क पर उतरे प्रदर्शनकारी, तेजस्वी यादव ने राजभवन तक निकाला मार्च

RJD Raj Bhawan March: पटना में छात्रों की मांगों को लेकर तेजस्वी यादव ने राजभवन तक मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान डमी AK-47 लेकर पहुंचे युवाओं ने शिक्षक भर्ती और डोमिसाइल नीति को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पढ़ें पूरी खबर...
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पटना

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Pratiksha Gupta

Aug 19, 2026

RJD Raj Bhawan March, Patna Student Protest

पटना में तेजस्वी यादव के मार्च में डमी AK-47 लेकर पहुंचे प्रदर्शनकारी / फोटो सोर्स- X(@SarfrazSona)

Tejashwi Yadav: बिहार की राजधानी पटना में छात्रों के समर्थन में विपक्ष का बड़ा सियासी प्रदर्शन देखने को मिला। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कार्यकारी अध्यक्ष और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की अगुवाई में गांधी मैदान से राजभवन तक विरोध मार्च निकाला गया। इस प्रदर्शन में अनोखा विरोध दर्ज कराते हुए कुछ प्रदर्शनकारी अपने हाथों में 'डमी AK-47' लेकर पहुंचे, जो पूरे मार्च के दौरान आकर्षण और चर्चा का केंद्र बना रहा।

तेजस्वी यादव ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए सवाल उठाया कि छात्रों के आंदोलन के दौरान एके-47 से फायरिंग का आदेश आखिर किसने दिया था? उन्होंने मांग की है कि प्रशासन इस मामले पर स्थिति तुरंत स्पष्ट करे। पेपर लीक, बेरोजगारी, भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और हालिया पुलिसिया कार्रवाई के मुद्दों को उठाते हुए विपक्ष ने सरकार की जवाबदेही तय करने का दबाव बनाया है।

क्यों शुरू हुआ 'छात्र न्याय सत्याग्रह'?

पटना में अभ्यर्थी काफी समय से अनिश्चितकालीन 'छात्र न्याय सत्याग्रह' पर बैठे हैं। यह पूरा मामला बिहार शिक्षक बहाली (TRE-4) और कई अन्य अटकी हुई भर्ती परीक्षाओं से जुड़ा है। हालांकि, छात्रों के शुरुआती दबाव के बाद सरकार ने TRE-4 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इसके तहत कुल 32,388 पदों पर भर्ती की जानी है, जिसके लिए आवेदन प्रक्रिया 1 सितंबर से शुरू होकर 30 सितंबर तक चलेगी।

नोटिफिकेशन के बाद भी आंदोलन जारी क्यों?

नोटिफिकेशन जारी होने के बावजूद छात्रों ने अपना आंदोलन वापस लेने से इनकार कर दिया है। अभ्यर्थियों की मुख्य रूप से दो प्रमुख मांगें हैं। पहली ये कि छात्रों का कहना है कि TRE-4 परीक्षा पुराने तरीके से केवल एक ही चरण (एक परीक्षा) में कराई जाए। सरकार को अगर चयन प्रक्रिया में कोई नया प्रयोग या बदलाव करना है, तो उसे आगामी TRE-5 से लागू करें। दूसरी ये कि अभ्यर्थी मांग कर रहे हैं कि TRE-4 शिक्षक भर्ती में बिहार के स्थानीय निवासियों के लिए 'डोमिसाइल नीति' को सख्ती से लागू किया जाए, ताकि राज्य के युवाओं को प्राथमिकता मिले।
इन मांगों को लेकर पटना की सड़कों पर लगातार सियासी माहौल गरमाया हुआ है और विपक्ष इसे युवाओं के हक की लड़ाई बताकर सरकार पर दबाव बना रहा है।