
Suvendu Adhikari: पश्चिम बंगाल के कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ में 19 लोगों की मौत और 25 लोगों के घायल होने के बाद सियासत तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और BJP पर सवाल उठाते हुए पूछा कि हादसे की जिम्मेदारी कौन लेगा। TMC ने दावा किया कि सुवेंदु अधिकारी के भतीजे का चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल से करीबी संबंध है और BJP का एक विधायक पूजा समिति का अध्यक्ष है। पार्टी ने अमित शाह के दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
हादसे के तुरंत बाद TMC ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट शेयर करते हुए भाजपा को निशाने पर लिया। TMC का आरोप है कि चोरबागान पूजा समिति से पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के भतीजे का सीधा संबंध है। इसके अलावा, पार्टी ने यह भी दावा किया कि पूजा समिति के अध्यक्ष भी भाजपा के ही एक मौजूदा विधायक हैं। TMC ने सवाल उठाया कि जब इतने बड़े पैमाने पर जिंदगियां चली गई, तो फिर इसकी नैतिक जिम्मेदारी किसकी है और सुवेंदु अधिकारी अपने भतीजे पर कार्रवाई कब करवाएंगे।
TMC ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कोलकाता दौरे के दौरान की गई सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी कड़ा एतराज जताया है। पार्टी का कहना है कि प्रशासन और पुलिस का पूरा ध्यान आम जनता की सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के बजाय VIP सुरक्षा पर लगा हुआ था। TMC ने आरोप लगाया कि एक तरफ लोग अपनी जान गंवा रहे थे और तीमारदार अपनों को तलाश रहे थे, वहीं दूसरी तरफ वीआईपी अगवानी की तैयारियां की जा रही थी। पार्टी ने कहा कि आम बंगालियों की जान की कीमत पर वीआईपी कल्चर को बढ़ावा देना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और पुलिस तुरंत एक्शन में आ गई है। कोलकाता पुलिस ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। अब तक इस मामले में पूजा समिति के सचिव राज कुमार सेवड़ा (राजा), उपाध्यक्ष शांतनु दुबे, बांस के ढांचे के निर्माता बिप्लब मुखर्जी, भीड़ प्रबंधन से जुड़े कौशिक साहा व पिंटू डे, और सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे सुमन चक्रवर्ती व राजेश पाल समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके अलावा 14 अन्य संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
हादसे के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कोलकाता के अपोलो अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात की और उनका हाल-चाल जाना। गृह मंत्री ने अपने तय कार्यक्रम स्थगित करते हुए पीड़ितों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। दूसरी ओर, राज्य सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की गई है। पूरी घटना की गहनता से पड़ताल के लिए विशेष कार्य बल (STF) ने जांच शुरू कर दी है।
शहर में किसी भी तरह की अफवाह या अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। 18 से 20 अक्टूबर तक कोलकाता के बोबाजार थाना क्षेत्र से लगे प्रमुख इलाकों (कॉलेज स्ट्रीट, सीआर एवेन्यू, कोलूटोला स्ट्रीट और ईडन हॉस्पिटल रोड सीमा) में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी गई है। इसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एक जगह जमा होने, हथियार लेकर चलने और शांति व्यवस्था भंग करने वाली गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।