
Kolkata Stampede (Photo-IANS)
Kolkata Stampede : कोलकाता। पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित चोराबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ से 19 लोगों की मौत और 25 लोगों के घायल होने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (ममता गुट) के सांसद कल्याण बनर्जी और कांग्रेस नेता सुमन रॉय चौधरी ने हादसे को लेकर पंडाल की व्यवस्था और पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता ने यह भी दावा किया कि मृतकों और घायलों की वास्तविक संख्या सरकारी आंकड़ों से अधिक हो सकती है।
टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि उन्होंने अपने बचपन से अब तक ऐसी घटना नहीं देखी। हादसा पूरी तरह कुप्रबंधन का नतीजा है। उन्होंने पंडाल परिसर में पर्याप्त रोशनी नहीं होने और संरचना के निर्माण पर सवाल उठाए। कल्याण बनर्जी ने कहा कि वहां ऐसा ऊंचा गलियारा बनाया गया था, जिसके कारण बाहर ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने की जगह नहीं थी। उन्होंने सवाल किया कि पुलिस ने इस तरह की व्यवस्था की अनुमति क्यों दी। उनके अनुसार, पूरा इंतजाम भीड़ प्रबंधन की जरूरतों के अनुरूप नहीं था और घटनास्थल पर पुलिसकर्मी भी नजर नहीं आ रहे थे।
कांग्रेस नेता सुमन रॉय चौधरी ने पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से बताए गए 19 मौतों के आंकड़े पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यह सरकार का आंकड़ा है, जबकि उनके और उनके सूत्रों के मुताबिक, मृतकों की संख्या इससे अधिक हो सकती है। उन्होंने घायलों की संख्या भी ज्यादा होने का दावा किया। चौधरी ने पुलिस प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा बड़े सार्वजनिक आयोजनों में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात होना चाहिए था। उन्होंने कहा कि सरकार पुलिस का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को डराने के लिए करती है, जबकि कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए।
कांग्रेस नेता ने कहा कि आयोजकों की भी गलती हो सकती है, लेकिन पुलिस को पूजा आयोजन पर प्रभावी नियंत्रण रखना चाहिए था। उनके अनुसार, पिछले 20 से 30 वर्षों में बंगाल में ऐसा बड़ा हादसा नहीं हुआ है। उन्होंने इसे बेहद दुखद घटना बताया।
पुलिस ने हादसे के सिलसिले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों में पूजा समिति के सचिव राज कुमार सेवड़ा उर्फ राजा, उपाध्यक्ष शांतनु दुबे और बांस की संरचना के निर्माण से जुड़े बिप्लब मुखर्जी उर्फ जॉय शामिल हैं। इनके अलावा भीड़ प्रबंधन, वीआईपी पास की जांच और निजी सुरक्षा से जुड़े लोग भी गिरफ्तार किए गए हैं। पुलिस ने आयोजकों और अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105, 110 और 3(5) के तहत स्वतः संज्ञान लेकर मामला दर्ज किया है। इसके अलावा 14 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
पश्चिम बंगाल सरकार ने हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिवार को 25 लाख रुपए की आर्थिक सहायता और एक नौकरी देने की घोषणा की है। घटना की जवाबदेही तय करने के लिए विशेष कार्यबल (STF) से जांच भी शुरू कराई गई है।
वहीं, संभावित अशांति रोकने के लिए 18 से 20 अक्टूबर तक कोलकाता के कुछ हिस्सों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू की गई है। इसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के गैरकानूनी जमावड़े, हथियार लेकर चलने और शांति भंग करने वाली गतिविधियों पर रोक लगाई गई है।
इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी रविवार को अपोलो अस्पताल पहुंचे और वहां भर्ती घायलों से मुलाकात की। भगदड़ के कारणों और व्यवस्थागत खामियों की जांच जारी है।
Updated on:
18 Oct 2026 12:49 pm
Published on:
18 Oct 2026 12:39 pm
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