
लद्दाख में पंचायत और नगर निकाय चुनाव से पहले करगिल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) से निकाले गए पूर्व हिल काउंसिल प्रमुख मोहम्मद जाफर अखून ने अब भारतीय जनता पार्टी का हाथ थाम लिया है। वहीं, दूसरी ओर दो अन्य प्रमुख चेहरे कांग्रेस में शामिल हुए हैं।
बता दें कि पंचायत और नगर निकाय चुनाव 21 नवंबर को होने वाले हैं, इससे पहले नेताओं के इस तरह पार्टी बदलने को लद्दाख की राजनीति में अहम घटनाक्रम माना जा रहा है। इस बीच, सभी राजनीतिक दल स्थानीय स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटे हैं।
मोहम्मद जाफर अखून शनिवार, 31 अक्टूबर को बीजेपी में शामिल हो गए। वह नेशनल कॉन्फ्रेंस के पूर्व नेता हैं। पार्टी से निकाले जाने से पहले वह लद्दाख ऑटोनॉमस हिल डेवलपमेंट काउंसिल (LAHDC), करगिल के चेयरमैन और चीफ एग्जीक्यूटिव काउंसलर रह चुके हैं।
करगिल की राजनीति में उनकी पहचान एक प्रमुख राजनीतिक चेहरे के रूप में रही है। ऐसे में उनका बीजेपी में शामिल होना पार्टी के लिए स्थानीय स्तर पर अपनी स्थिति मजबूत करने का मौका माना जा रहा है।
करगिल में सिर्फ बीजेपी ही नहीं, कांग्रेस को भी नए नेताओं का साथ मिला है। पूर्व डायरेक्टर ऑफ शीप एंड एनिमल हसबेंडरी रजा अब्बासी और सामाजिक कार्यकर्ता फिदा हुसैन कांग्रेस में शामिल हो गए हैं।
रजा अब्बासी प्रशासनिक क्षेत्र में काम कर चुके हैं, जबकि फिदा हुसैन सामाजिक गतिविधियों के लिए जाने जाते हैं। इन दोनों के कांग्रेस में आने से पार्टी को करगिल में अपनी राजनीतिक पकड़ बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।