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मां-पिता का हो रहा मानसिक उत्पीड़न! तेज प्रताप ने पीएम मोदी से लगाई अब ये बड़ी गुहार

Bihar Politics: लालू प्रसाद यादव के परिवार में घमासान मचा हुआ है। तेज प्रताप ने आरोप लगाया है कि उनके माता-पिता का उत्पीड़न किया जा रहा है।
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Nov 18, 2025
Janshakti Janata Dal Chief Tej Pratap Yadav
जनशक्ति जनता दल प्रमुख तेज प्रताप यादव (Photo-IANS)

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राजद को करारी हार का सामना करना पड़ा है। इसके बाद लालू परिवार में घमासान मचा हुआ है। राजद सुप्रीमो की बेटी रोहिणी आचार्य ने परिवार और राजनीति से संन्यास ले लिया है। वहीं जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेज प्रताप अपनी बहन के समर्थन में खुलकर सामने आ गए हैं। तेज प्रताप ने एक बड़ा बयान दिया है, जिसके बाद प्रदेश की राजनीति में तूफान खड़ा हो गया है।

मां-पिता का हो रहा मानसिक उत्पीड़न

लालू के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल के नेता तेज प्रताप ने कहा, “कुछ जयचंदों द्वारा मेरे माता-पिता को मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान करने की कोशिश की जा रही है। अगर इसमें जरा भी सच्चाई है तो यह सिर्फ मेरे परिवार पर हमला नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय जनता दल की आत्मा पर सीधा प्रहार है।"

 PM से की जांच की मांग

वहीं तेज प्रताप यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और बिहार सरकार से इस मामले में निष्पक्ष, सख्त और तत्काल जांच करने की मांग की है। हालांकि तेज प्रताप ने किसी का भी नाम नहीं लिया है, लेकिन तेजस्वी यादव के करीबी संजय यादव और रमीज खान को जिम्मेदार ठहराया है।

FIR दर्ज करने की मांग

लालू के बड़े बेटे तेज प्रताप ने संजय यादव, रमीज खान और प्रतीम यादव पर एफआईआर दर्ज करने की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि मेरे पिता पहले से ही बीमार है, वह ऐसा भावनात्मक दबाव बर्दाश्त नहीं कर सकते।

तेज प्रताप ने कहा- रोहिणी दीदी के साथ जो कुछ भी हुआ, उसने मुझे झकझोर कर रख दिया है। मेरे साथ जो कुछ भी हुआ, मैंने बर्दाश्त किया, लेकिन मैं अपनी बहन का यह अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकता। यह अस्वीकार्य और असहनीय है।

रोहिणी ने तेजस्वी पर साधा निशाना

राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किडनी दान को लेकर एक बयान जारी किया है। उन्होंने तेजस्वी यादव और संजय यादव पर जमकर निशाना साधा है। एक्स पर पोस्ट करते हुए रोहिणी ने लिखा- जो लोग लालू प्रसाद यादव के नाम पर संवेदना दिखाते हैं, लेकिन असल में किडनी दान जैसे बड़े फैसले पर केवल टिप्पणी करने तक सीमित रहते हैं। 

Updated on:
18 Nov 2025 06:25 pm
Published on:
18 Nov 2025 06:25 pm