
Wayanad Landslide: केरल के वायनाड जिले में लगातार जारी भारी बारिश के बीच मंगलवार को कल्लाडी क्षेत्र में बड़ा भूस्खलन हुआ। यह हादसा मीनाक्षी ब्रिज के पास अनाक्कामपोयिल–कल्लाडी–मेप्पाडी ट्विन टनल रोड परियोजना स्थल के नजदीक हुआ, जहां पहले से निर्माण कार्य चल रहा था। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, भारी बारिश के कारण टनल निर्माण क्षेत्र से बड़ी मात्रा में मलबा और पत्थर नीचे आ गए, जिसकी चपेट में आने से पांच लोग घायल हो गए।
सभी घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रशासन के अनुसार, इस हादसे में अभी तक किसी की मौत की सूचना नहीं है। भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र मुंडकई के पास स्थित है, जहां वर्ष 2024 में भी भीषण लैंडस्लाइड ने भारी तबाही मचाई थी।
केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (KSDMA) के अनुसार, पिछले 24 घंटों में वायनाड जिले में करीब 265 मिमी बारिश दर्ज की गई है। लगातार हो रही तेज बारिश के कारण टनल परियोजना स्थल पर पहले ही निर्माण कार्य रोक दिया गया था। इसके बावजूद मंगलवार को अचानक पहाड़ी हिस्से से मलबा और बड़े पत्थर नीचे गिरने लगे, जिससे परियोजना स्थल के आसपास मौजूद लोग प्रभावित हुए। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव अभियान शुरू किया। आसपास की सड़कों पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा।
वायनाड भूस्खलन की घटना के बाद केरल सरकार ने स्थिति की समीक्षा के लिए आपात बैठक बुलाई। मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्यों में बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। राजस्व मंत्री एपी अनिल कुमार और कृषि मंत्री टी सिद्दीक को तुरंत वायनाड पहुंचने के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री ने वायनाड जिला कलेक्टर से फोन पर बातचीत कर हादसे की स्थिति और राहत कार्यों की जानकारी ली। प्रशासन ने संवेदनशील और पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। लोगों से मौसम की स्थिति को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील भी की गई है।
भूस्खलन की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की मीनंगडी यूनिट को तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। इसके अलावा कोझिकोड स्थित एनडीआरएफ टीम को भी वायनाड पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, राहत दल इलाके में संभावित रूप से फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं। प्रशासन की टीमें लगातार मौसम की निगरानी कर रही हैं और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। भारी बारिश के बीच वायनाड के पहाड़ी क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। अतिरिक्त पुलिस बल और आपदा प्रबंधन कर्मियों को भी प्रभावित इलाकों में तैनात किया गया है।
लगातार बारिश के कारण केरल के पहाड़ी जिलों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। वायनाड पहले भी प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित रहा है, ऐसे में प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और स्थानीय निर्देशों का पालन करने की अपील की है। फिलहाल कल्लाडी भूस्खलन मामले में राहत एवं बचाव अभियान जारी है और अधिकारी स्थिति की लगातार समीक्षा कर रहे हैं।