
भूस्खलन के बाद एनडीआरएफ ने बचाव अभियान चलाया (Photo-IANS)
Pune Patan Landslide: महाराष्ट्र के पुणे जिले में लगातार हो रही भारी बारिश लोगों के लिए मुसीबत बन गई है। मावल तालुका के पाटन गांव में सोमवार तड़के हुए भूस्खलन ने एक परिवार की खुशियां पलभर में छीन लीं। हादसे में बेटे और उसके माता-पिता की मौत हो गई। वहीं गर्भवती पत्नी की जान इसलिए बच गई क्योंकि वह कुछ दिन पहले ही गांव से दूसरे स्थान पर चली गई थी। जिले में पिछले दो दिनों में भूस्खलन और मिट्टी खिसकने की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है।
पाटन गांव के रहने वाले 25 साल के ज्ञानेश्वर टिकोने की शादी को अभी सिर्फ एक साल हुआ था। परिवार में जल्द ही नए मेहमान के आने की खुशी थी, क्योंकि उनकी पत्नी गर्भवती हैं। गर्भावस्था के चलते उन्हें कुछ समय पहले मालवली के एक बंगले में रखा गया था। इसी की वजह से उनकी जान बच गई लेकिन गांव में रह रहे ज्ञानेश्वर, उनके पिता नंदू टिकोने (55) और मां अनीता टिकोने (50) भूस्खलन की चपेट में आ गए और तीनों की मौत हो गई।
सोमवार सुबह साढ़े चार बजे मालवली के पास विसापुर किले की तलहटी में बसे पाटन गांव में अचानक पहाड़ी से भारी मात्रा में मिट्टी और मलबा नीचे आ गिरा। मलबे की चपेट में टिकोने परिवार का घर आ गया, जो पूरी तरह ढह गया। हादसा इतना अचानक हुआ कि परिवार को बाहर निकलने का मौका भी नहीं मिला। तेज आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक पूरा घर मलबे में दब चुका था। घटना की सूचना मिलते ही लोनावला ग्रामीण पुलिस, स्थानीय प्रशासन, एनडीआरएफ, शिवदुर्ग मित्र आपातकालीन दल और अन्य बचाव टीमें मौके पर पहुंच गईं। कई घंटों तक मलबा हटाने का काम चलता रहा। दोपहर एक बजे बचाव दल तीनों शवों को बाहर निकालने में सफल हुआ।
लगातार हो रही बारिश ने पूरे पुणे जिले में जनजीवन को प्रभावित कर रखा है। प्रशासन के अनुसार, पिछले दो दिनों में जिले के 22 स्थानों पर भूस्खलन और मिट्टी खिसकने की घटनाएं हुई हैं। इन हादसों में पांच लोगों की मौत, लगभद 20 लोग घायल हुए हैं और 30 लोगों को रेस्क्यू किया गया है। वहीं 500 से ज्यादा नागरिकों को एहतियात के तौर पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। मावल तालुका में सबसे ज्यादा 237.3 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
Updated on:
07 Jul 2026 02:29 pm
Published on:
07 Jul 2026 02:29 pm
