7 जुलाई 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पुणे फायरिंग केस: लॉरेंस बिश्नोई गैंग के 4 आरोपी गिरफ्तार, पुलिस कमिश्नर बोले- न्यूट्रलाइज हुई गैंग की एक्टिविटी

Bishnoi Gang Pune Firing Case: पुणे में हुए फायरिंग और फिरौती मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार के अनुसार, चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि फायरिंग करने, रेकी करने और सूचना उपलब्ध कराने वाले आरोपियों को हिरासत में लिया जा चुका है।
2 min read
Google source verification

पुणे

image

Anand Shekhar

Jul 07, 2026

Gangster Lawrence Bishnoi

गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई । फोटो: X/ Megh Updates)

Pune Firing Case: पुणे शहर में हुई फायरिंग और फिरौती के लिए कॉल करने के मामले में पुणे पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पांच अलग-अलग राज्यों में छापेमारी कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

इस मामले में पुणे पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने बताया कि शहर में इस गैंग की गतिविधियों को पूरी तरह से न्यूट्रलाइज कर दिया गया है। अमितेश कुमार ने बताया कि 22 जून को फिरौती के लिए कॉल आए थे।

इसके बाद क्राइम ब्रांच की टीम इस मामले की जांच में जुट गई थी। पिछले 15 दिनों से अलग-अलग टीमें पांच राज्यों और कई शहरों में सक्रिय रूप से काम कर रही थीं।

घटना कैसे शुरू हुई?

2 जून को एक स्टील बिजनेसमैन को फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को बिश्नोई गैंग का आदमी बताया और 5 करोड़ रुपये की खंडणी मांगी। जब कारोबारी ने मना किया तो मंतरवाड़ी इलाके में उनके गोदाम पर अज्ञात लोगों ने फायरिंग कर दी।

चार राउंड गोलियां चलीं। इलाके में दहशत फैल गई। सोशल मीडिया पर गैंग के नाम से जिम्मेदारी लेने वाला पोस्ट भी वायरल हुआ, जिसमें आगे धमकी दी गई थी। पुलिस ने तुरंत केस दर्ज किया और क्राइम ब्रांच को जांच सौंपी। कमिश्नर अमितेश कुमार ने खुद इस मामले की निगरानी की।

मल्टी-स्टेट ऑपरेशन की सफलता

पिछले 15 दिनों से पुणे पुलिस की कई टीमें लगातार काम कर रही थीं। राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखंड समेत पांच राज्यों में छापेमारी हुई। राजस्थान के हनुमानगढ़ से पवन राम नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया गया।

वह लोकल इंडस्ट्रियल यूनिट में काम करता था और गैंग को जानकारी मुहैया कराता था। हरिद्वार से तीन अन्य शूटर पकड़े गए, जिन पर रावेत के फर्नीचर शॉप पर फायरिंग का भी आरोप है।

ये सब लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े बताए जा रहे हैं। पूछताछ में कई बड़े खुलासे हो रहे हैं। पुलिस को हथियारों और नेटवर्क के बारे में अहम जानकारी मिली है।

कमिश्नर ने क्या कहा?

पुणे पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने प्रेस में बताया- हमने गैंग की एक्टिविटी को पूरी तरह न्यूट्रलाइज कर दिया है। शहर के कारोबारियों को अब किसी भी तरह की डर की जरूरत नहीं। उन्होंने कहा कि ऐसे अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा।

पुलिस के मुताबिक, बिश्नोई गैंग अब महाराष्ट्र में भी अपना नेटवर्क फैलाने की कोशिश कर रहा था। लोकल लोगों को भर्ती करके रेकी करवाना, धमकी देना और फिर फायरिंग – ये उनका तरीका था। लेकिन पुणे पुलिस ने इस चेन को तोड़ दिया।