
Lawrence Bishnoi US Chargesheet: अमेरिका की जांच एजेंसियों की कार्रवाई में लॉरेंस बिश्नोई गैंग, जग्गू भगवानपुरिया गैंग और ढांडा गैंग से जुड़े कथित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है।
इसी बीच, व्हाट्सएप (WhatsApp) के जरिए रंगदारी मांगने के आरोपों पर लॉरेंस बिश्नोई के वकील ने सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि बिश्नोई अब तक करीब 40 मामलों में बरी हो चुका है।
अमेरिकी जांच एजेंसियों का कहना है कि अंडरकवर अधिकारी और खुफिया मुखबिर की मदद से ड्रग्स तस्करी, हथियारों की डील और कथित रंगदारी से जुड़े सबूत जुटाए गए, जिनके आधार पर तीन अलग-अलग चार्जशीट दाखिल की गईं।
अमेरिकी जांच एजेंसियों ने इस पूरे मामले में अंडरकवर अधिकारी यूसी-1 और खुफिया मुखबिर सीआई-1 की मदद ली। एजेंसियों का दावा है कि इन्हीं दोनों के जरिए गैंग के सदस्यों तक पहुंच बनाई गई और कई महीनों तक उनकी गतिविधियों पर नजर रखी गई। बाद में इन्हीं जानकारियों को ग्रैंड जूरी के सामने पेश किया गया।
चार्जशीट के अनुसार, एक सप्ताह बाद सीआई-1 ने वाशिंगटन के ब्लेन स्थित एक पार्क में ढांडा और उसके सहयोगी से मुलाकात की। यहां अमेरिका-कनाडा सीमा के रास्ते कोकीन और मेथामफेटामाइन की तस्करी पर बातचीत हुई। इसके बाद सीआई-1 ढांडा गैंग का भरोसेमंद सदस्य बन गया। अगस्त से अक्टूबर 2023 के बीच उसने कई ड्रग्स डिलीवरी में भूमिका निभाई। यह सिलसिला जनवरी 2025 तक चलता रहा। बाद में कनाडाई पुलिस ने ढांडा को गिरफ्तार कर लिया।
ढांडा गैंग की जांच के दौरान अमेरिकी एजेंसियां पंजाब के जग्गू भगवानपुरिया गैंग तक भी पहुंचीं। चार्जशीट में कहा गया है कि भगवानपुरिया भारत की जेल में बंद है, लेकिन उसका नेटवर्क विदेशों तक सक्रिय था। 17 जून 2024 को गैंग के सदस्यों ने सीआई-1 को 5 किलो कोकीन बेची, जिसके बदले उन्हें 45 हजार डॉलर मिले। इसके करीब एक साल बाद, जुलाई 2025 में गैंग ने सीआई-1 को AK-47 और ग्रेनेड जैसे हथियार बेचने की पेशकश की।
फरवरी 2026 में गैंग ने अमेरिका से कनाडा 20 किलो कोकीन भेजने की कोशिश की। जांच एजेंसियों के अनुसार यह एक डमी कंसाइनमेंट था, जिसे 23 फरवरी को जब्त कर लिया गया। इसके बाद गैंग को शक हुआ कि शिपमेंट में ट्रैकर सीआई-1 ने लगाया था।
चार्जशीट के मुताबिक, 11 जनवरी 2025 को बिश्नोई गैंग के सदस्य सुखराज सिंह कंग ने फिरौती वसूलने के लिए सीआई-1 से संपर्क किया। इसके बाद गैंग ने उस व्यक्ति से संपर्क किया, जिससे सीआई-1 को 1 से 2 लाख डॉलर की वसूली करनी थी। जांच में सामने आया कि वह व्यक्ति वास्तव में अंडरकवर अधिकारी यूसी-1 था। दस्तावेजों के अनुसार, पूरे 2025 के दौरान गैंग के सदस्य यूसी-1 को जान से मारने की धमकियां देते रहे और 2 लाख डॉलर की मांग करते रहे।
FBI ने अपने ऑफिशियल X अकाउंट पर पोस्ट करते हुए बताया कि गोल्डी बराड़ कथित तौर पर Lawrence Bishnoi Organized Crime Group का नॉर्थ अमेरिका में संचालन करता है। एजेंसी के अनुसार, यह गिरोह दक्षिणी कैलिफोर्निया सहित अमेरिका और कनाडा के कई हिस्सों में हिंसक वारदातों, उगाही, धमकी और ड्रग तस्करी जैसी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है।